बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सीट बंटवारे पर सियासी हलचल तेज हो गई है। ओम प्रकाश राजभर की पार्टी सुभासपा (सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी) को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की ओर से एक भी सीट न मिलने के बाद उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि अगर NDA उन्हें साथ रखना चाहता था तो 4-5 सीटें दे सकता था, लेकिन अब वह बिहार में अपने दम पर चुनाव लड़ेंगे।
राजभर ने बताया कि जब भाजपा को उपचुनावों में उनकी जरूरत थी, तब वे लगातार मदद मांग रहे थे। लेकिन अब जब विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे की बात आई तो उनकी पार्टी को नजरअंदाज कर दिया गया। सीट शेयरिंग में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 101 सीटें, जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) को 101, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) (LJP-R) को 29 और अन्य सहयोगियों को 6-6 सीटें दी गईं, लेकिन सुभासपा को एक भी सीट नहीं मिली।
इस फैसले के बाद ओम प्रकाश राजभर ने बागी तेवर दिखाते हुए कहा कि अब वह बिहार में 153 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि वह विभिन्न जातीय समूहों — राजभर, राजवंशी, प्रजापति आदि को एकजुट कर मोर्चा बनाएंगे और NDA के खिलाफ मैदान में उतरेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि जब चुनाव आएंगे तो निर्णय वही करेगा जो जनता चाहेगी, किसी का वोट बैंक किसी की जागीर नहीं है।
इस घटनाक्रम ने बिहार की सियासत में नया मोड़ ला दिया है। NDA को जहां एक सहयोगी पार्टी का साथ खोना पड़ा, वहीं राजभर ने अकेले चुनाव लड़कर मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह कदम NDA और सुभासपा दोनों के लिए क्या मायने रखता है।



