नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर राज्यसभा में जोरदार हंगामा हुआ। विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति की मांग करते हुए गृहमंत्री अमित शाह के भाषण के दौरान नारेबाजी की। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अमित शाह ने तीखे लहजे में कहा, “मुझसे निपट लीजिए, पीएम को क्यों बुला रहे हैं?”
विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री का सदन में उपस्थित न होना संसद का अपमान है। इसी के साथ विपक्षी सांसदों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। खरगे के बयान पर अमित शाह ने पलटवार करते हुए कहा, “पीएम अपने ऑफिस में हैं, जवाब कौन देगा ये सरकार तय करती है। क्या हर बार प्रधानमंत्री को ही बुलाना जरूरी है?”
गृह मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी अपने ही नेता खरगे को बोलने नहीं देती और अब प्रधानमंत्री की मांग कर रही है। उन्होंने साफ किया कि बीएसी बैठक में तय हुआ था कि दोनों सदनों में 16-16 घंटे चर्चा होगी, लेकिन यह सरकार का अधिकार है कि जवाब कौन देगा।
अमित शाह ने ऑपरेशन महादेव का जिक्र करते हुए कहा कि सोमवार को हमारे जवानों ने पहलगाम हमले में शामिल तीन आतंकियों को ढेर किया, लेकिन कांग्रेस सवाल कर रही है कि वे आज ही क्यों मारे गए? शाह ने तंज कसते हुए कहा, “क्या आतंकियों को राहुल गांधी का भाषण सुनने के बाद मारना था? देश कांग्रेस की प्राथमिकता को समझ रहा है — ना तो उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा की चिंता है, ना आतंकवाद के खात्मे की, उनकी चिंता केवल वोटबैंक और तुष्टिकरण है।”



