धान खरीदी सुधार पर बृजमोहन का मास्टर प्लान, हर संभाग में खुले मंडल कार्यालय

Madhya Bharat Desk
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रायपुर।रायपुर सांसद और भारतीय खाद्य निगम (FCI) छत्तीसगढ़ सलाहकार समिति के अध्यक्ष बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में शुक्रवार को समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में धान खरीदी, चावल भंडारण और परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ-साथ खाद्यान्न प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई।

किसानों और राशन हितग्राहियों को प्राथमिकता

बैठक में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि FCI की पूरी व्यवस्था का उद्देश्य किसानों और आम जनता के हितों की रक्षा करना होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित दाम और समय पर भुगतान मिले, इसके लिए खरीदी प्रक्रिया को और तेज व पारदर्शी बनाया जाए। साथ ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन दुकानों में खाद्यान्न की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

हर संभाग में FCI मंडल कार्यालय खोलने का सुझाव

अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के सभी संभागों में FCI के मंडल कार्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्य में केवल तीन मंडल कार्यालय हैं, जबकि कई जिलों की निगरानी एक ही कार्यालय के जिम्मे है। ऐसे में संभाग स्तर पर कार्यालय बनने से प्रशासनिक कामकाज और निगरानी व्यवस्था अधिक मजबूत होगी।

गोदाम क्षमता बढ़ाने और निजी निवेश को बढ़ावा देने पर जोर

बैठक में भंडारण क्षमता बढ़ाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। सांसद ने कहा कि पर्याप्त गोदाम नहीं होने से धान उठाव प्रभावित होता है और आर्थिक नुकसान की स्थिति बनती है। इस समस्या के समाधान के लिए नए गोदामों के निर्माण और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। उन्होंने निजी निवेशकों को 10 वर्ष की गारंटी के साथ गोदाम निर्माण के लिए प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया। बस्तर क्षेत्र में भी नई भंडारण सुविधाएं विकसित करने पर सहमति बनी।

खरीदी प्रक्रिया में तेजी और नुकसान रोकने के निर्देश

सांसद ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि धान और चावल की खरीदी प्रक्रिया में तेजी लाई जाए ताकि किसानों और राइस मिलरों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने बरसात और अन्य कारणों से होने वाले धान के नुकसान को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने पर जोर देते हुए “जीरो वेस्टेज” का लक्ष्य निर्धारित करने की बात कही।

फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने का सुझाव

बैठक में किसानों को धान के अलावा दलहन और तिलहन जैसी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने पर भी चर्चा हुई। सांसद ने सुझाव दिया कि जो पंजीकृत किसान धान बिक्री नहीं करेंगे, उन्हें प्रति एकड़ 15 हजार रुपये तक प्रोत्साहन राशि देने पर विचार किया जाए। उनका मानना है कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी, पानी की बचत होगी और सरकारी खर्च में भी कमी आएगी।

समिति सदस्यों को क्षेत्रीय निरीक्षण की जिम्मेदारी

बृजमोहन अग्रवाल ने समिति के सदस्यों से अपने-अपने क्षेत्रों में FCI की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने और कमियों की रिपोर्ट समिति को सौंपने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बैठक में पारित सभी महत्वपूर्ण प्रस्ताव जल्द ही केंद्र सरकार को भेजे जाएंगे ताकि राज्य में खाद्यान्न प्रबंधन और खरीदी व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके।

बैठक में समिति के विभिन्न सदस्य, FCI के महाप्रबंधक दीपक शर्मा तथा खाद्य विभाग की सहायक निदेशक सीमा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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