रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में दिव्यांगजनों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में 100 स्पेशल एजुकेटर पदों पर सीधी भर्ती का रास्ता साफ हो गया है।
राज्य सरकार ने दिव्यांगजनों के हित में राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम (NDFDC) की लंबित ऋण राशि ₹24,50,05,457 (चौबीस करोड़ पचास लाख पांच हजार चार सौ सत्तावन रुपए) एकमुश्त चुकाने का बड़ा फैसला भी लिया। निगम दिव्यांगजनों को स्वरोजगार और शिक्षा के लिए 3% ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराता है।
मंत्रिपरिषद ने शासकीय सेवकों की आकस्मिक वित्तीय जरूरतों को देखते हुए बैंकों और वित्तीय संस्थाओं से वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण उपलब्ध कराने के प्रस्ताव भी मंजूर किए। इसके लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया है और एमओयू प्रारूप को स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में शिक्षा विभाग के भर्ती एवं पदोन्नति नियम-2019 में एक बार के लिए छूट देते हुए स्पेशल एजुकेटर की भर्ती चयन परीक्षा के बजाय मेरिट के आधार पर करने की मंजूरी दी गई।
इसके अलावा, बैठक में सेवानिवृत्त हो रहे मुख्य सचिव अमिताभ जैन (IAS 1989 बैच) को भावभीनी विदाई दी गई और नव नियुक्त मुख्य सचिव विकास शील (IAS 1994 बैच) का स्वागत किया गया।



