गुजरात। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा किया है। गुजरात में आयोजित ‘संगठन सुजन अभियान’ के तहत जिला कांग्रेस अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठते रहे हैं और कांग्रेस की हार के पीछे पक्षपाती अंपायर जैसी भूमिका अहम है।
राहुल गांधी ने अपने भाषण में क्रिकेट की मिसाल देते हुए कहा, “अगर आप बार-बार आउट होते हैं तो आप खुद को दोष देते हैं, लेकिन जब समझ आता है कि अंपायर ही पक्षपाती है तो असली वजह सामने आती है।” उन्होंने आरोप लगाया कि 2017 के गुजरात विधानसभा चुनावों में भी कांग्रेस ने EC की संदिग्ध वोटर लिस्ट का खामियाजा भुगता।
गुजरात फतह से खुलेगा जीत का रास्ता:
राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि भाजपा को उसके गढ़ गुजरात में हराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर गुजरात में भाजपा को हराया जा सकता है, तो पार्टी को उत्तर प्रदेश, बिहार, और अन्य राज्यों में भी हराना संभव है।
कांग्रेस इस समय 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए रोडमैप तैयार कर रही है। इस रणनीति के तहत जिला कांग्रेस समितियों के अध्यक्षों को ट्रेनिंग दी जा रही है, जिससे पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जा सके।
नेताओं से संवाद और वादा:
राजकोट कांग्रेस प्रमुख राजदीप सिंह जडेजा ने बताया कि राहुल गांधी ने सभी जिला प्रमुखों को जनता से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने की सलाह दी है। उन्होंने यह भी वादा किया कि उम्मीदवारों के चयन में जिला और शहर इकाइयों की राय को प्राथमिकता दी जाएगी।
बिहार में भी उठा SIR का मुद्दा:
इस बीच बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले वोटर वेरिफिकेशन अभियान (SIR) पर विपक्ष ने चुनाव आयोग की नीयत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी दलों ने कहा है कि यह प्रक्रिया भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए हो रही है, जबकि आयोग का कहना है कि SIR एक संवैधानिक प्रक्रिया है, जो मतदाता सूची की शुद्धता के लिए आवश्यक है।







