छत्तीसगढ़ की राजनीति में उस समय हलचल तेज़ हो गई जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य प्रभारी सचिन पायलट रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचे। उन्होंने जेल में बंद चेतन्य बघेल से मुलाकात की और बाहर आकर भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।
मुख्य मुद्दा:
सचिन पायलट ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भाजपा सरकार आलोचना बर्दाश्त नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि जो भी नेता या व्यक्ति सरकार की नीतियों पर सवाल उठाता है, उसके खिलाफ ED और अन्य जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिना किसी नोटिस या समन के ही कार्रवाई की जा रही है, जो पूरी तरह असंवैधानिक और लोकतंत्र के खिलाफ है।
भाजपा की प्रतिक्रिया:
सचिन पायलट के इस बयान पर भाजपा ने भी कड़ा पलटवार किया। पार्टी प्रवक्ताओं ने कहा कि कांग्रेस हर बार खुद को निर्दोष बताने की कोशिश करती है, लेकिन असल में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच से भाग रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “दिल्ली में पप्पू और छत्तीसगढ़ में बिट्टू—अब कांग्रेस की राजनीति सिर्फ नाटक और सहानुभूति तक सीमित रह गई है।”



