छत्तीसगढ़ का सुकमा जिला, जो अब तक नक्सल गतिविधियों और हिंसा के लिए जाना जाता था, अब विकास की राह पर कदम बढ़ा रहा है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत नक्सली कमांडर हिड़मा के गांव पुर्तत्ती में पहला बेली ब्रिज बनकर तैयार हो गया है
यह 15 मीटर लंबा बेली ब्रिज सिलगेर से पुर्तत्ती को जोड़ता है और इससे लगभग 5 से अधिक गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। लंबे समय से यह इलाका सड़क और परिवहन सुविधाओं से वंचित था, जिससे बरसात के दिनों में गांवों का संपर्क पूरी तरह कट जाता था। अब इस पुल के बनने से स्थानीय लोगों को आने-जाने में सहूलियत मिलेगी और आवश्यक सेवाएं भी समय पर मिल सकेंगी।
बेली ब्रिज का इतिहास 1940 के दशक से जुड़ा है जब ब्रिटिश सेना के डोनाल्ड बेली ने इसका डिज़ाइन तैयार किया था। यह पुल तेज़ निर्माण और मजबूत ढांचे के लिए जाना जाता है। हिड़मा के गांव में इसका निर्माण इस क्षेत्र में बदलाव की एक बड़ी मिसाल है।
यह पुल भारी वाहनों का भार सहने में भी सक्षम है, जिससे अब इस क्षेत्र में विकास कार्यों की गति तेज होगी। स्वास्थ्य सेवाएं, राशन वितरण और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं अब ग्रामीणों तक आसानी से पहुंच सकेंगी। यह क्षेत्र अब पूरी तरह से बारहमासी संपर्क में रहेगा।



