रायपुर सेंट्रल जेल में सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। गुरुवार को जेल परिसर में विचाराधीन बंदियों पर घातक हमला हुआ जिसमें उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष आशिष शिंदे को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। हमलावरों ने जेल के अंदर ही ब्लेड और कटर जैसे धारदार हथियारों से शिंदे पर ताबड़तोड़ वार किए। उनके चेहरे, गले और सीने पर कई गंभीर चोटें आईं और खून काफी बह गया।
इस हमले के दौरान के के श्रीवास्तव पर भी जानलेवा धमकी दी गई। हमलावरों ने कहा, “तुझे तो मारेंगे ही… और के के श्रीवास्तव को भी जान से मार देंगे।” खुद को निशाने पर देख श्रीवास्तव ने तुरंत बैरक के अंदर भागकर अपनी जान बचाई।
हमले का मुख्य निशाना के के श्रीवास्तव भी थे, लेकिन समय रहते उन्होंने खुद को बचा लिया। यह पूरा घटनाक्रम जेल के भीतर सुरक्षा तंत्र की बड़ी चूक को उजागर करता है। जेल प्रशासन की तरफ से घायल आशिष शिंदे को गंभीर अवस्था में डॉक्टर अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
प्रशासन के मुताबिक हमलावरों ने पहले से योजना बनाकर यह हमला किया। इस घटना के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा इंतजामों पर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं।



