स्वस्थ भारत की पहल: तले-मीठे खाद्य पदार्थों की वसा-शुगर मात्रा अब सार्वजनिक सूचना बोर्ड पर
नई दिल्ली। बढ़ते मोटापे और जीवन-शैली रोगों पर लगाम कसने के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाया है। अब सभी सरकारी दफ्तरों, विश्वविद्यालयों और बड़े संस्थानों की कैंटीन-कैफ़ेटेरिया में समोसा, जलेबी, पिज्जा, बर्गर जैसे लोकप्रिय खाद्य पदार्थों में मौजूद तेल (फैट) और चीनी (शुगर) की सटीक मात्रा बोर्ड या डिजिटल पोस्टर पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्रालय के आदेश के मुख्य बिंदु
कोई प्रतिबंध नहीं, सिर्फ पारदर्शिता और जागरूकता बढ़ाना उद्देश्य।
बोर्ड पर मात्रा लिखकर उपभोक्ता को सूचित करना– उदा॰ एक समोसे में ~17 ग्राम फैट, एक गुलाब जामुन में ~32 ग्राम शुगर।
पुरुषों के लिए 36 ग्राम व महिलाओं के लिए 25 ग्राम प्रतिदिन से अधिक शुगर न लेने की सलाह।
अनुमान: 2025 तक 27 % और 2050 तक 45 % भारतीय आबादी मोटापे से ग्रस्त हो सकती है; पहल का मक़सद इस बढ़ोतरी को थामना।







