छत्तीसगढ़ में राजनीति फिर से गरमाने लगी जब पूर्व खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की तुलना बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर से की, और उन्हें “डॉ. अंबेडकर का दूसरा अवतार” कहा । भगत ने दावा किया कि खड़गे की रायपुर में ‘किसान‑जवान‑संविधान’ जनसभा में उपस्थिति एक संजीवनी की तरह है, खासकर तब जब छत्तीसगढ़ को भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
इस बयान के तुरंत बाद भाजपा ने तीखा विरोध जताया। भाजपा विधायक गुरु खुशवंत (या भाजपा प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास, दोनों खबरों में नाम उल्लेखित) ने कहा कि खड़गे की तुलना संविधान निर्माता से करना “बाबा साहब का अपमान” है । भाजपा ने कांग्रेस से मांग की कि या तो अमरजीत भगत को पार्टी से बाहर निकाला जाए या कांग्रेस को सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए।
भाजपा ने यह आरोप भी लगाया कि भाजपा लगातार संविधान की आत्मा को कुचल रही है और यह बयान “चापलूसी की नई सबसे ऊँची सीमा” बताई गई



