बरसात के मौसम में छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में साँपों की सक्रियता बढ़ जाती है। ऐसे ही एक मामले में रायगढ़ जिले के ननसिया गांव से एक बड़े अजगर के दिखने की सूचना मिलने पर एनीमल रेस्क्यू टीम तुरंत सक्रिय हुई। टीम का नेतृत्व धर्मेंद्र साहू कर रहे थे। गांव के एक स्थान पर लकड़ियों के नीचे छिपे इस अजगर को सुरक्षित निकालने के लिए टीम ने सावधानीपूर्वक ऑपरेशन किया।
जब रेस्क्यू टीम मौके पर पहुँची, तो उन्हें पता चला कि वहां सिर्फ अजगर ही नहीं बल्कि उसके 21 अंडे भी मौजूद हैं। टीम ने न केवल अजगर को सुरक्षित पकड़ा, बल्कि अंडों को भी बेहद सतर्कता के साथ बाहर निकाला। इन अंडों को प्राकृतिक ऊष्मा नहीं मिल पा रही थी, इसलिए टीम ने बल्ब की रोशनी के सहारे कृत्रिम ताप प्रदान कर अंडों की देखभाल की।
करीब पखवाड़े भर बाद इन अंडों से 21 अजगर के बच्चे सुरक्षित बाहर निकल आए। टीम ने कुछ दिन तक इन नन्हे अजगरों की निगरानी की और जब वे जंगल में जीवन शुरू करने के लिए तैयार हुए, तो उन्हें जंगल में छोड़ दिया गया।
यह भारतीय अजगर प्रजाति #IndianRockPython के अंतर्गत आता है, जो सामान्यतः इंसानों के लिए खतरनाक नहीं होता। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि गांवों या घरों में अजगर या अन्य साँप दिखाई दें, तो उन्हें मारना नहीं चाहिए। इसके बजाय साँप पकड़ने वाले स्थानीय विशेषज्ञों की मदद लेकर उन्हें सुरक्षित स्थान या जंगल में छोड़ देना चाहिए।



