छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके से एक बार फिर झीरम घाटी हमले को लेकर नई जानकारी सामने आई है। करीब 30 साल तक माओवादी संगठन से जुड़े रहे और अब सरेंडर कर चुके कमांडर पापा राव ने इस हमले को लेकर कई अहम बातें साझा की हैं, जो पूरे मामले को नए नजरिए से देखने पर मजबूर करती हैं।
पापा राव के मुताबिक, इस हमले का मुख्य निशाना कांग्रेस के वरिष्ठ नेता महेंद्र कर्मा थे। उन्होंने बताया कि नक्सलियों को पहले से यह जानकारी मिल गई थी कि महेंद्र कर्मा सुकमा से लौट रहे हैं। इसी इनपुट के आधार पर जल्दबाजी में हमले की योजना बनाई गई।
उन्होंने यह भी खुलासा किया कि इस ऑपरेशन में केवल स्थानीय नक्सली ही नहीं, बल्कि ओडिशा से जुड़े माओवादी भी शामिल थे। पूरे हमले को चैतु और देवा नाम के नक्सली नेताओं ने लीड किया था। हालांकि पापा राव ने यह साफ किया कि इस हमले में उनकी कोई सीधी भूमिका नहीं थी।
गौरतलब है कि झीरम घाटी हमला 25 मई 2013 को हुआ था, जिसे छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े नक्सली हमलों में गिना जाता है। इस हमले में कांग्रेस के कई बड़े नेता और सुरक्षाकर्मी मारे गए थे, जिससे पूरे देश में सनसनी फैल गई थी।
आज भी यह हमला छत्तीसगढ़ की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ा सवाल बना हुआ है, और समय-समय पर सामने आने वाले ऐसे खुलासे इस घटना की परतों को और गहराई से उजागर करते रहते हैं।






