धमतरी: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में नशे के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। “ऑपरेशन निश्चय” के तहत पुलिस ने ड्रग्स तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। वहीं एक अलग मामले में पति-पत्नी को गांजा बेचते रंगे हाथ पकड़ा गया है। दोनों मामलों को मिलाकर करीब 16 लाख 24 हजार रुपये का मादक पदार्थ और सामान जब्त किया गया है।
पुलिस को मुखबिर से मिली सटीक जानकारी के आधार पर श्याम तराई फॉरेस्ट नाका के पास घेराबंदी की गई। इस दौरान एक संदिग्ध वाहन को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें से 56 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। इसके अलावा नकदी और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए।

इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड मोहम्मद निजामुद्दीन कुरैशी बताया जा रहा है, जो पिछले 8 महीनों से पुलिस की नजर में था। रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बालोद और धमतरी सहित कई जिलों में उसका नेटवर्क फैला हुआ था। आरोपी लगातार अपने मोबाइल नंबर बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था, लेकिन आखिरकार पुलिस की सतर्कता और सूचना तंत्र के चलते पकड़ा गया।

गिरफ्तार आरोपियों में निजामुद्दीन कुरैशी, अनीता नेताम और मोहम्मद इस्लामुद्दीन कुरैशी शामिल हैं। सभी बालोद जिले के मुसलमानपारा के निवासी बताए जा रहे हैं। तीनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि इस नेटवर्क का खुलासा एक दिन पहले पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान हुआ था। इसके बाद पुलिस ने अलग-अलग जिलों में सक्रिय होकर यह बड़ी कार्रवाई की।
पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ कि आरोपी इस्लामुद्दीन पिछले डेढ़ से दो साल से पंजाब से ट्रेन के जरिए हेरोइन लाकर छत्तीसगढ़ में सप्लाई कर रहा था। इस गिरफ्तारी से एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क की अहम कड़ी टूट गई है।

वहीं दूसरी ओर, मगरलोड थाना पुलिस ने ग्राम मोहेरा में कार्रवाई करते हुए एक पति-पत्नी को गांजा बेचते हुए गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके पास से करीब 1.660 किलोग्राम गांजा, 4,930 रुपये नकद और एक मोबाइल फोन जब्त किया है। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 89,930 रुपये आंकी गई है।
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें भी जेल भेज दिया गया।


