नई दिल्ली/रायपुर। शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को अनिवार्य बनाए जाने के फैसले के खिलाफ अब देशभर के शिक्षक एकजुट होते नजर आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों के शिक्षक 4 अप्रैल को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में होने वाले राष्ट्रीय स्तर के आंदोलन में शामिल होंगे।
यह आंदोलन टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले आयोजित किया जा रहा है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा, उपाध्यक्ष केदार जैन और मनीष मिश्रा इसके नेतृत्व में रहेंगे। छत्तीसगढ़ से भी बड़ी संख्या में शिक्षक दिल्ली पहुंचने की तैयारी में हैं।
दरअसल, 1 सितंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम आदेश जारी करते हुए शिक्षक पात्रता परीक्षा को अनिवार्य कर दिया था। इसी आदेश के आधार पर 2 मार्च 2026 को छत्तीसगढ़ के लोक शिक्षण संचालनालय ने निर्देश जारी किया, जिसमें वर्ष 2009 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए भी TET पास करना जरूरी कर दिया गया।
इस फैसले के बाद प्रदेशभर के हजारों शिक्षकों में असमंजस और नाराजगी का माहौल है। लंबे समय से सेवा दे रहे अनुभवी शिक्षक इसे अपने साथ अन्याय मान रहे हैं। उनका कहना है कि वर्षों की सेवा के बाद अब परीक्षा का दबाव डालना उचित नहीं है।
शिक्षकों की मांग है कि या तो TET के नियमों में संशोधन किया जाए या पहले से कार्यरत शिक्षकों को इस अनिवार्यता से छूट दी जाए। इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की गई है।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 2 अप्रैल 2026 को तय की गई है। ऐसे में सभी की नजरें कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि शिक्षकों को राहत मिलती है या नहीं।



