रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को उस वक्त माहौल गरमा गया, जब अवैध प्लाटिंग और कॉलोनाइजरों को कथित संरक्षण देने का मुद्दा सदन में जोर-शोर से उठा। चर्चा के दौरान विपक्ष ने सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ा, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
धमतरी और कांकेर जिलों में अवैध प्लाटिंग के मामलों को लेकर विधायक अंबिका मरकाम ने सवाल उठाया। जवाब देने के लिए खड़े हुए राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने शुरुआती आंकड़े तो पेश किए, लेकिन जैसे-जैसे बहस आगे बढ़ी, विपक्ष के सवालों का दबाव बढ़ता गया।
इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सीधे मंत्री पर निशाना साधते हुए पूछा कि आखिर राज्य में कुल कितनी अवैध कॉलोनियां विकसित हुई हैं और उन पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है।
मंत्री के जवाब में स्पष्टता की कमी को लेकर विपक्ष ने कड़ा रुख अपनाया। विपक्ष का आरोप था कि राजस्व विभाग की ओर से कॉलोनाइजरों को संरक्षण दिया जा रहा है और कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। पटवारियों पर हुई कार्रवाई को भी विपक्ष ने नाकाफी करार दिया।
मंत्री टंकराम वर्मा ने सफाई देते हुए कहा कि विभाग पूरी क्षमता के साथ जांच और कार्रवाई कर रहा है। हालांकि, विपक्ष इस जवाब से संतुष्ट नहीं दिखा।
बहस के दौरान भूपेश बघेल ने यह भी आरोप लगाया कि मामला पिछले दो वर्षों से लंबित है और इसे दबाने की कोशिश की जा रही है।
हंगामा बढ़ता देख आखिरकार विपक्ष ने विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। इस मुद्दे ने प्रदेश की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है और आने वाले दिनों में इसके और तूल पकड़ने की संभावना है।







