रायगढ़: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास निर्माण में सुस्ती और लापरवाही सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। जिला पंचायत के सीईओ के निर्देश पर जनपद पंचायत लैलूंगा के दो पंचायत सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जारी नोटिस के अनुसार ग्राम पंचायत बैस्कीमुड़ा में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कुल 131 आवास स्वीकृत किए गए थे। इनमें से 128 लाभार्थियों को पहली किस्त की राशि भी जारी कर दी गई, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य बेहद धीमा रहा। वर्तमान स्थिति में केवल 2 आवास ही पूरी तरह तैयार हो पाए हैं, जबकि 38 घर प्लिंथ लेवल तक पहुंचे हैं। हैरानी की बात यह है कि 82 आवासों का निर्माण अभी तक शुरू भी नहीं हुआ है।
इसी तरह ग्राम पंचायत चिराईखार की स्थिति भी चिंताजनक पाई गई। यहां 113 आवास स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 107 हितग्राहियों को पहली किश्त मिल चुकी है। इसके बावजूद एक भी आवास पूर्ण नहीं हुआ। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 16 घर प्लिंथ स्तर तक पहुंचे हैं, जबकि 87 आवासों पर अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
जिला प्रशासन के अनुसार निर्माण कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं होना, निरीक्षण के दौरान अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार और अपने कर्तव्यों में लापरवाही बरतना गंभीर माना गया है। प्रारंभिक जांच में दोनों पंचायत सचिवों को दोषी पाया गया है।
इसी आधार पर पंचायत सेवा (आचरण) नियम 1998 के नियम 3 के उपनियम (1), (2) और (3) के तहत दोनों अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।
नोटिस में संबंधित सचिवों को निर्देश दिया गया है कि वे तीन दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण और प्रमाण सहित जवाब प्रस्तुत करें। यदि तय समय सीमा में जवाब नहीं दिया गया तो प्रशासन द्वारा एकतरफा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी महत्वपूर्ण योजना में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।







