रायपुर।सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज के बैनर तले निकाली जा रही “छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता रथ यात्रा” आज छुईखदान क्षेत्र पहुँची, जहां किसानों और स्थानीय नागरिकों ने औद्योगिक प्रदूषण, अवैध गतिविधियों और प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई।
रथ यात्रा का नेतृत्व छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष महेंद्र कौशिक, जगदंबा साहू, गणेश कौशिक, लालाराम वर्मा और अशोक कश्यप ने किया। यात्रा छुईखदान, जोगीदल्ली, बढ़ईटोला, पैडीकला, खैरागढ़, पीपरिया और भूलाटोला सहित कई गांवों में पहुँची, जहां सभाएं आयोजित कर ग्रामीणों को जागरूक किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि तुमगांव हाईवे पर अवैध करणी कृपा फैक्ट्री से फैल रहे प्रदूषण के बावजूद राज्य की विष्णु देव साय सरकार ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब स्थानीय लोग लगातार शिकायत कर रहे हैं, तो कारखाने को बंद क्यों नहीं किया जा रहा?

नेताओं ने यह भी कहा कि महासमुंद के जिलाधीश विनय लहंगे द्वारा ‘छत्तीसगढ़ी महतारी’ के प्रतीकात्मक रथ को तुमगांव थाने में जब्त किया जाना प्रदेश की अस्मिता का अपमान है। उन्होंने जिलाधीश विनय लहंगे, अजय त्रिपाठी और संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की।
राज्य आंदोलनकारी लालाराम वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य निर्माण के समय भी किसानों और युवाओं को रथ यात्राओं के माध्यम से जागरूक कर कई मुद्दों का समाधान निकाला गया था। अब एक बार फिर छत्तीसगढ़ की अस्मिता, महापुरुषों के सम्मान और किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए जन-जागरण अभियान शुरू किया गया है।
कवर्धा के किसान नेता दाऊ महेंद्र कौशिक ने कहा कि औद्योगिक प्रदूषण से प्रभावित छुईखदान क्षेत्र में किसानों ने पार्टीबंदी से ऊपर उठकर संघर्ष किया और सफलता हासिल की। अब आवश्यकता है कि सभी छत्तीसगढ़िया एकजुट होकर अपनी अस्मिता की रक्षा करें।
सभा का संचालन लोक कलाकार लक्ष्मीनारायण निषाद ने किया। कार्यक्रम के अंत में संयोजक जागेश्वर प्रसाद ने सभी ग्रामीणों से संगठित आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की अपील की।







