रायपुर।छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS Raipur) में अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी सिस्टम ‘देव हस्त’ का शुभारंभ किया। यह मध्य भारत के किसी भी सरकारी संस्थान में स्थापित होने वाला पहला रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम है।
इस हाई-टेक तकनीक की मदद से अब कैंसर, यूरोलॉजी, ईएनटी और स्त्री रोग जैसी जटिल सर्जरी भी बेहद सटीकता से की जा सकेगी। उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री साय ने स्वयं देव हस्त पर पहला ड्राई लैब डिसेक्शन किया।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि रोबोटिक तकनीक से मरीजों के इलाज की गुणवत्ता और सफलता दर कई गुना बढ़ेगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि जल्द ही रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में भी रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
देव हस्त रोबोटिक सिस्टम की खासियतें
- न्यूनतम चीरा: छोटे-छोटे चीरे से सर्जरी होने पर कम दर्द और कम रक्तस्राव।
- तेजी से रिकवरी: मरीज जल्दी स्वस्थ होकर अस्पताल से छुट्टी पा सकेंगे।
- अत्यधिक सटीकता: थ्रीडी विजन और रोबोटिक आर्म्स से ज्यादा लचीलापन और स्थिरता।
- डुअल-कंसोल फीचर: प्रशिक्षण और जटिल ऑपरेशन के लिए दा विंची एक्सआई व सिमुलेशन प्लेटफार्म।

किन बीमारियों में होगा इस्तेमाल
- यूरोलॉजी: किडनी व मूत्रमार्ग की बीमारियां
- जनरल सर्जरी: पेट और आंतों की जटिल सर्जरी
- ईएनटी: कान, नाक और गले से जुड़ी सर्जरी
- स्त्री रोग: महिलाओं से संबंधित ऑपरेशन
परिजनों के लिए नया ‘परिजन निवास’
सीएम साय ने इस अवसर पर एक और महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि एम्स रायपुर में दूर-दराज से आने वाले मरीजों के परिजनों के लिए सभी सुविधाओं से युक्त ‘परिजन निवास’ का निर्माण किया जाएगा, जिससे बाहर से आने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
नवा रायपुर में बनेगी 5000 बेड की मेडि-सिटी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के समय छत्तीसगढ़ में सिर्फ एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि अब यह संख्या 15 हो चुकी है। बीते 20 महीनों में पांच नए मेडिकल कॉलेजों की मंजूरी मिली है। इसके साथ ही नवा रायपुर में 5000 बिस्तरों की क्षमता वाली मेडि-सिटी का भी निर्माण किया जाएगा।







