रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत तीसरे बजट (2025-26) को भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के रायपुर जिला संयोजक डॉ. सत्येंद्र पांडेय ने प्रदेश के स्वास्थ्य इतिहास का स्वर्ण अध्याय बताया है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी द्वारा पेश किया गया ‘SANKALP’ थीम पर आधारित यह बजट न केवल अधोसंरचना को मजबूत करेगा, बल्कि अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाएगा।
डॉ. पांडेय ने शहीद वीरनारायण सिंह आयुष्मान योजना के लिए ₹1500 करोड़ के प्रावधान का स्वागत करते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों में ₹5 लाख तक के इलाज की सुविधा से गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी।
रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में ₹10 करोड़ की लागत से AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित उपचार शुरू करना सरकार की आधुनिक और प्रगतिशील सोच को दर्शाता है। इससे जटिल बीमारियों के सटीक निदान में मदद मिलेगी।
रायपुर के कालीबाड़ी में 200 बिस्तरों वाले मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल (MCH) की स्थापना और रायपुर सहित दुर्ग, कोंडागांव व जशपुर में GNM ट्रेनिंग सेंटरों के लिए ₹10 करोड़ का प्रावधान चिकित्सा शिक्षा और मातृ-शिशु स्वास्थ्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा। प्रदेश भर में 25 डायलिसिस सेंटर, 50 जन औषधि केंद्र और 25 से अधिक CHC, PHC व SHC भवनों का निर्माण यह सुनिश्चित करेगा कि इलाज के लिए ग्रामीणों को शहरों की ओर नहीं भागना पड़ेगा। मेडिकल कॉलेजों के निर्माण के लिए ₹50 करोड़ और मेडिकल/आयुर्वेदिक कॉलेजों में हॉस्टल निर्माण के लिए स्वीकृत राशि से भविष्य के डॉक्टरों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।
डॉ. पांडेय ने कहा कि बस्तर और सरगुजा प्राधिकरणों के लिए ₹75-75 करोड़ का प्रावधान और शासकीय कर्मचारियों के लिए कैशलेस मेडिकल सर्विस की शुरुआत यह बताती है कि यह बजट समाज के हर वर्ग का ध्यान रखने वाला है।
उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ₹8,050 करोड़ का लोक स्वास्थ्य बजट अंजोर छत्तीसगढ़@2047 की नींव को और अधिक मजबूत करेगा।







