छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल विस्तार: शपथ ग्रहण का उल्लास और राजनीतिक संतुलन

Madhya Bharat Desk
2 Min Read

20 अगस्त 2025 को छत्तीसगढ़ में एक विशेष दिन था—विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार में तीन नए मंत्रियों—गुरु खुशवंत साहेब (आरंग), राजेश अग्रवाल (अंबिकापुर), और गजेंद्र यादव (दुर्ग)—को शपथ दिलाने का समारोह आयोजित किया गया। यह आयोजन राज्यपाल के संरक्षण में राजभवन में आयोजित हुआ, जिसमें राजनीतिक हलकों और जनता दोनों में उत्साह की परछाई दिखाई दी ।

शपथ ग्रहण समारोह की झलक

शपथ ग्रहण समारोह के दौरान समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर नृत्य किया और आतिशबाज़ियों से समारोह की गरिमा और उत्सव भाव को बढ़ाया। यह दृश्य दर्शाता है कि नए मंत्रियों के साथ जनता की जुड़ाव की भावना कितनी प्रबल थी

राजनीतिक संतुलन और चयन की रणनीति

इन तीनों मंत्रियों के चयन में जातीय और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व का खास ध्यान रखा गया। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह कैबिनेट विस्तार हरियाणा मॉडेल के समान ही उठाया गया कदम है—जहाँ कुल विधानसभा सदस्यों का लगभग 15 % मंत्री बनाया जा सकता है—जिससे तीन और मंत्री बना सकने का रास्ता खुला ।

इसके अतिरिक्त, राजेश अग्रवाल को पूर्व मंत्री टी.एस. सिंहदेव को चुनाव में पराजित करने के कारण मंत्री बनाया गया है, जबकि गजेंद्र यादव की नियुक्ति में आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के समर्थन की भूमिका अहम मानी गई है। इसके चलते सरकार संगठन के साथ समीपता बनाए रखने की रणनीति को भी आगे बढ़ा रही है ।

कार्यक्रम की तैयारी और समय-संवेदनशीलता

इस विस्तार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की 21 अगस्त से प्रस्तावित जापान और दक्षिण कोरिया की 10 दिवसीय विदेशी यात्रा से पहले पूरा करना एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है। इस कार्यक्रम की तैयारी पिछले कुछ दिनों से चल रही थी—नए मंत्रियों के लिए स्टेट गैरेज में विशेष वाहन तैयार कर दिए गए थे, और समय पर शपथ ग्रहण सुनिश्चित करने के लिए उन्हें आधिकारिक सूचना भेजी गई थी

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment