अभनपुर के चंपारण मंडल में भिलाई गांव के भाजपा प्रशिक्षण शिविर में ‘अनुशासन’ सिखाने का ड्रामा रंग लाया—लेकिन गलत तरीके से! विधायक इंद्र कुमार साहू ने मंच से जोरदार ललकारा, “जो लोग पार्टी में गद्दारी करते हैं, वे प्रवक्ता बनकर जाते हैं!” ये बयान सुनते ही कार्यकर्ता भड़क गए। कुर्सियां हिलीं, चीखें गूंजीं और देखते-देखते तीखी बहस धक्का-मुक्की में बदल गई।
वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे साहू का ‘सख्त संदेश’ ही पार्टी को ही तार-तार करने पर उतारू हो गया!
क्या ये है भाजपा का ‘निष्ठा’ का असली चेहरा? विधायक तो संगठन में ‘राष्ट्रभक्ति’ का ढोंग रच रहे थे, लेकिन कार्यकर्ताओं को उनका ये तंज़ बिल्कुल हजम नहीं हुआ।
आखिर कौन हैं ये ‘गद्दार प्रवक्ता’? साहू के गुटबाज़ी वाले बयान ने साफ बता दिया कि पार्टी में गुटबाजी चरम पर है—अंदर ही अंदर खून खराबा होने को तैयार! समर्थक भले ही चिल्लाएं कि बयान को ‘तोड़-मरोड़’ दिया गया, लेकिन वीडियो झूठ नहीं बोलता। सोशल मीडिया पर ये क्लिप आग की तरह फैल रही है, और भाजपा की ‘एकता’ की पोल खोल रही है।
वरिष्ठ नेता तो बीच-बचाव कर भागे, लेकिन सवाल वही खड़ा है: क्या साहू जैसे नेताओं का ये ‘अनुशासन’ सिर्फ विपक्ष को नीचा दिखाने का हथियार है, या अपनी ही पार्टी को तोड़ने की साजिश? भिलाई का ये हंगामा भाजपा के लिए सबक है—अंदर का कचरा साफ करो, वरना जनता 2026 में हिसाब लेगी!







