असम और बंगाल में छत्तीसगढ़ के नेताओं की बड़ी एंट्री

Madhya Bharat Desk
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रायपुर। विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक मजबूती के लिए बड़ा कदम उठाया है। पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने असम और पश्चिम बंगाल में चुनावी रणनीति को धार देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं।

छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम अरुण साव को असम की 9 विधानसभा सीटों का प्रभार दिया गया है। वहीं प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी को 10 विधानसभा क्षेत्रों की कमान सौंपी गई है।

दुर्ग से सांसद विजय बघेल को डिब्रूगढ़ लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली 10 विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय को पश्चिम बंगाल की 56 विधानसभा सीटों का व्यापक दायित्व सौंपा गया है।

असम में तेज हुई चुनावी हलचल

डिप्टी सीएम अरुण साव हाल ही में तीन दिवसीय असम प्रवास से लौटे हैं। इस दौरान उन्होंने लखीमपुर के भीमपारा में आयोजित जनसभा को संबोधित किया और स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया। जिला संगठन की बैठक में भी वे शामिल हुए, जहां आगामी चुनावों को लेकर रणनीति पर चर्चा हुई।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी भी एक सप्ताह के असम दौरे पर हैं। उनके प्रवास के चलते 12 फरवरी को भाजपा सहयोग केंद्र में प्रस्तावित जनसुनवाई कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा। वहीं विजय बघेल पहले ही एक बार असम का दौरा कर चुके हैं और 16 फरवरी से पुनः अपने जिम्मे वाले क्षेत्रों का भ्रमण शुरू करेंगे।

बंगाल में पवन साय की रणनीतिक भूमिका

पश्चिम बंगाल में 56 विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी संभाल रहे पवन साय दिसंबर से लगातार सक्रिय हैं। वे विभिन्न क्षेत्रों में संगठनात्मक बैठकें लेकर कार्यकर्ताओं से फीडबैक जुटा रहे हैं और स्थानीय स्तर पर चुनावी समीकरण मजबूत करने में जुटे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि छत्तीसगढ़ के नेताओं को अन्य राज्यों में बड़ी भूमिका देना पार्टी नेतृत्व का भरोसा दर्शाता है। इससे न केवल संगठनात्मक अनुभव का लाभ मिलेगा, बल्कि राज्यों के बीच राजनीतिक समन्वय भी मजबूत होगा।

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