आंसुओं के बीच सुनेत्रा पवार ने ली शपथ, महाराष्ट्र को मिली पहली महिला उपमुख्यमंत्री

Madhya Bharat Desk
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मुंबई।महाराष्ट्र की राजनीति में शनिवार को एक ऐतिहासिक क्षण दर्ज हुआ, जब दिवंगत नेता अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। भावुक माहौल के बीच मुंबई स्थित लोकभवन में आयोजित सादे लेकिन गरिमामय समारोह में उन्होंने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली और इस पद तक पहुंचने वाली राज्य की पहली महिला बनीं।

शपथग्रहण से पहले महाराष्ट्र विधानभवन में हुई राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) विधायक दल की बैठक में सुनेत्रा पवार को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया। इसके बाद उन्होंने अपनी राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा देकर उपमुख्यमंत्री पद संभालने का रास्ता साफ किया।

राज्यपाल ने दिलाई शपथ

लोकभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्य, राकांपा के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल, प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे और सुनेत्रा पवार के पुत्र जय पवार मौजूद रहे।

पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुनेत्रा पवार को बधाई देते हुए कहा कि महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल ऐतिहासिक होगा। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि वह राज्य की जनता के कल्याण के लिए समर्पित भाव से काम करेंगी और स्वर्गीय अजित पवार के विचारों को आगे बढ़ाएंगी।

‘अजित दादा अमर रहें’ के गूंजे नारे

शपथग्रहण से पहले और बाद में सभागार ‘अजित दादा अमर रहें’ के नारों से गूंजता रहा। इससे पूर्व राकांपा विधायक दल की बैठक में दिलीप वलसे पाटिल ने सुनेत्रा पवार के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे छगन भुजबल ने समर्थन दिया।

यह बैठक उसी कक्ष में हुई, जहां वर्षों तक अजित पवार बैठते रहे थे। कक्ष में लगी उनकी तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कई विधायक भावुक नजर आए। इसी बैठक में सुनेत्रा पवार को राकांपा अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी सौंपी गई, जिससे पार्टी के सभी संगठनात्मक अधिकार अब उनके पास होंगे।

शरद पवार की प्रतिक्रिया

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए शरद पवार ने कहा कि उन्हें सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री बनने की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों की राजनीतिक राहें अलग हैं और यह फैसला संबंधित पार्टी का आंतरिक मामला है।

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पिछले चार महीनों से दोनों राकांपा गुटों के विलय को लेकर बातचीत चल रही थी, जिसमें अजीत पवार और जयंत पाटिल प्रमुख रूप से शामिल थे।

रिक्ति भरने का निर्णय

गौरतलब है कि हाल ही में एक विमान दुर्घटना में उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हो गया था। इसके बाद उत्पन्न हुई राजनीतिक रिक्ति को भरने के लिए पार्टी ने सुनेत्रा पवार को यह जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय लिया, जिसे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का भी समर्थन प्राप्त था।

सूत्रों के अनुसार, सुनेत्रा पवार द्वारा छोड़ी गई राज्यसभा सीट से उनके बड़े पुत्र पार्थ पवार को भेजे जाने की संभावना जताई जा रही है।

कौन हैं सुनेत्रा पवार

62 वर्षीय सुनेत्रा पवार वर्षों से सामाजिक कार्यों से जुड़ी रही हैं। बारामती के काटेवाड़ी गांव में महिलाओं के सशक्तिकरण, स्वच्छता और सतत विकास के लिए उन्होंने उल्लेखनीय काम किया। उनके प्रयासों से काटेवाड़ी को ‘निर्मल ग्राम’ और बाद में ‘मॉडल इको विलेज’ का दर्जा मिला।

2008 में स्थापित बारामती हाईटेक टेक्सटाइल पार्क में भी उनकी अहम भूमिका रही, जिससे करीब 15 हजार लोगों को रोजगार मिला, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हैं।

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