नई दिल्ली।ईरान की राजधानी तेहरान समेत पूरे देश में सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है। हालात बेकाबू होते देख ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निर्देश पर सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चला दीं। इस कार्रवाई में अब तक 217 लोगों की मौत होने का दावा किया जा रहा है।
टाइम मैगजीन को नाम उजागर न करने की शर्त पर एक स्थानीय डॉक्टर ने बताया कि राजधानी के केवल छह अस्पतालों में ही 217 प्रदर्शनकारियों की मौत दर्ज की गई है। डॉक्टर के अनुसार, मरने वालों में ज्यादातर की जान गोली लगने से गई है।
इंटरनेट बंदी से बढ़ी आशंका
गौरतलब है कि गुरुवार रात से ईरान में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं लगभग पूरी तरह ठप कर दी गई हैं। ऐसे में मृतकों की वास्तविक संख्या को लेकर गंभीर आशंकाएं जताई जा रही हैं। यदि इन आंकड़ों की पुष्टि होती है, तो यह सरकार द्वारा हिंसा छिपाने के आरोपों को और मजबूत करेगा।
ट्रंप की खुली चेतावनी
इस घटनाक्रम पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी जारी रही, तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ट्रंप ने कहा,
“अगर ईरान गोलियां चलाता है और प्रदर्शनकारियों को मारता है, जैसा कि वह अक्सर करता रहा है, तो अमेरिका चुप नहीं बैठेगा। हम तैयार हैं।”
क्यों भड़का जनआक्रोश
ईरान में यह विरोध प्रदर्शन बढ़ती महंगाई, कमजोर होती मुद्रा और खराब आर्थिक हालात के खिलाफ हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि देश के सभी 31 प्रांतों में जनता सड़कों पर उतर आई है। ट्रंप की चेतावनी के बाद हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं।
ईरान सरकार की सख्त चेतावनी
उधर, खामेनेई ने अमेरिका पर पलटवार करते हुए कहा कि इस्लामिक गणराज्य, ट्रंप को खुश करने वालों के आगे झुकने वाला नहीं है। वहीं ईरान सरकार ने साफ किया है कि प्रदर्शनकारियों को मौत की सजा तक दी जा सकती है।
सरकारी टीवी पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने माता-पिता को चेतावनी देते हुए कहा,
“अपने बच्चों को प्रदर्शनों से दूर रखें, अगर गोली लग गई तो शिकायत मत करना।”







