दंतेवाड़ा में भीषण बाढ़ का तांडव, 100 मीटर लंबा पुल बहा, बिजली-पानी सप्लाई ठप

Madhya Bharat Desk
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दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ का दंतेवाड़ा जिला इस बार भीषण बाढ़ की चपेट में आ गया है। मूसलाधार बारिश और डंकनी नदी के उफान ने जिले में भारी तबाही मचाई है। पहली बार इतनी भयावह स्थिति देखने को मिली है कि प्रशासन और आमजन दोनों सकते में हैं। जहां पहले नदी पर बने पुराने पुल के डूबने की घटनाएं सामने आती थीं, वहीं इस बार बाढ़ ने बड़े पैमाने पर नुकसान कर दिया।

बह गया करोड़ों की लागत से बना पुल

दंतेवाड़ा बायपास मार्ग पर चितालंका स्थित 100 मीटर लंबा पुल बाढ़ की ताकत के आगे टिक नहीं पाया। दो दशक पहले करीब 2 करोड़ की लागत से बना यह पुल पूरी तरह बह गया। पुल के स्लैब और पिलर तक का नामोनिशान मिट गया। इसके अलावा डंकनी नदी पर बना पुराना पुल भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

सरकारी दफ्तर और कॉलोनियां जलमग्न

मंगलवार को चूड़ी टिकरा वार्ड और जीएडी कॉलोनी से तेज बहाव का पानी गुजरता रहा। पुलिस अधीक्षक कार्यालय, नगर पालिका दफ्तर, फ़िल्टर प्लांट और जिला न्यायालय परिसर बाढ़ में डूब गए। कई सरकारी दफ्तरों और अधिकारियों के आवास की बाउंड्री वॉल ताश के पत्तों की तरह ढह गई।

बिजली और पानी की सप्लाई ठप

भारी बारिश और बाढ़ के कारण 11 केवी बिजली लाइन और ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त हो गए। नतीजा यह हुआ कि आंवराभाटा इलाके में करीब 18 घंटे तक बिजली सप्लाई बंद रही। वहीं, फ़िल्टर प्लांट की पाइप लाइन और पंप हाउस टूटने से शहर के अधिकांश हिस्सों में पेयजल संकट गहरा गया। कई पानी के टैंकर बहकर नदी में समा गए।

राष्ट्रीय राजमार्ग और सड़कें भी प्रभावित

बास्तानार घाट और गीदम के बीच एनएच-63 पर बना पुल टूट गया, जिससे यातायात ठप हो गया। गीदम-बारसूर मार्ग पर गणेश बहार नाला का पुल और बारसूर से सातधार तक करीब 2 किलोमीटर सड़क बह गई है।

ग्रामीण हुए बेघर

बाढ़ के कारण बिंजाम, सियानार और समलूर गांवों के लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हुए। कई कच्चे मकान ढह गए। बालुद और बालपेट गांव की बस्तियां भी पानी में घिर गईं, जहां ग्रामीणों को राहत शिविरों में भेजा गया।

रस्सियों के सहारे बचाए गए लोग

बालुद पटेलपारा और कोसापारा के 50 से ज्यादा ग्रामीणों को स्थानीय युवाओं ने रस्सियों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला। उन्हें मॉडल स्कूल में ठहराने और भोजन की व्यवस्था की गई।

प्रशासन सक्रिय

आईजी बस्तर सुंदरराज पी और कलेक्टर कुणाल दुदावत ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया और पीड़ितों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। फिलहाल SDRF और प्रशासन की टीम रेस्क्यू व राहत कार्यों में जुटी है।

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