केरल के पुकलम स्थित प्रसिद्ध पार्थसारथी मंदिर के एग्जीक्यूटिव बोर्ड चुनाव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) समर्थित उम्मीदवारों ने बड़ी जीत दर्ज की है। चुनाव परिणामों में आरएसएस समर्थित सभी 27 उम्मीदवारों ने विजय हासिल करते हुए कांग्रेस और लेफ्ट समर्थित प्रत्याशियों को करारी शिकस्त दी है।
यह चुनाव परिणाम इसलिए भी खास माने जा रहे हैं क्योंकि यही पार्थसारथी मंदिर पहले भी राजनीतिक और वैचारिक विवादों के केंद्र में रह चुका है। कुछ समय पहले इसी मंदिर परिसर में आरएसएस द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की कथित सफलता को लेकर जश्न मनाया गया था। इस आयोजन को लेकर केरल पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए आरएसएस से जुड़े कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था।

अब मंदिर प्रबंधन के चुनाव में आरएसएस समर्थित उम्मीदवारों की एकतरफा जीत को संगठन की सांगठनिक मजबूती और जमीनी पकड़ के रूप में देखा जा रहा है। वहीं कांग्रेस और लेफ्ट समर्थित खेमे के लिए यह परिणाम बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर ऐसे राज्य में जहां वामपंथी राजनीति की लंबे समय से मजबूत उपस्थिति रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव परिणाम केरल की सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं में बदलते राजनीतिक प्रभाव का संकेत देते हैं, जिसका असर आने वाले समय में राज्य की राजनीति पर भी दिखाई दे सकता है।







