रायपुर। राजधानी रायपुर की सेजबहार हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी फेस-वन में जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। हालात ऐसे हो गए हैं कि रहवासियों को नलों से साफ पानी की जगह बदबूदार और गंदा पानी मिल रहा है। बीते कुछ दिनों से स्थिति और गंभीर हो गई है, जब कई घरों में नलों से निकलने वाले पानी में कीड़े और काई दिखाई देने लगी।
स्थानीय लोगों के अनुसार गर्मी के मौसम में जहां पानी की भारी किल्लत रहती है, वहीं सर्दी के दिनों में गंदा और दुर्गंधयुक्त पानी सप्लाई किया जा रहा है। कई घरों में बाल्टी भरते ही गंदगी साफ नजर आती है। मजबूरी में लोग बाजार से पानी खरीदकर पीने को मजबूर हैं, जिससे आम परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
नाली के बीच से गुजर रही मुख्य पाइपलाइन
रहवासियों ने जब समस्या की खुद जांच की तो चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। कॉलोनी की मुख्य जलापूर्ति पाइपलाइन खुले नाले के बीच से होकर गुजर रही है। यह पाइपलाइन कई जगह से जर्जर और क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिसके कारण नाले का गंदा पानी रिसकर सप्लाई लाइन में मिल रहा था। यही दूषित पानी सीधे घरों के नलों तक पहुंच रहा है।
शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गंभीर समस्या को लेकर उन्होंने कई बार कॉलोनी परिसर स्थित हाउसिंग बोर्ड कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। समय रहते पाइपलाइन न बदले जाने से स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।
बीमारियों का खतरा, लोग डरे
गंदे पानी की वजह से उल्टी-दस्त, त्वचा रोग और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों की सेहत को लेकर रहवासी बेहद चिंतित हैं। लोगों ने मांग की है कि पूरी पाइपलाइन को बदला जाए और नियमित रूप से पानी की गुणवत्ता की जांच कराई जाए।
अधिकारियों का बयान
सेजबहार क्षेत्र के कार्यपालन अभियंता नितेश कश्यप ने बताया कि पाइपलाइन फटने के कारण पानी गंदा आ रहा था, जिसे मरम्मत कर ठीक किया गया है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां लीकेज की शिकायतें मिलेंगी, वहां तत्काल सुधार किया जाएगा और लोगों को साफ पानी उपलब्ध कराया जाएगा।







