छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत धान खरीदी का अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। 15 नवंबर 2025 से शुरू हुई इस राज्यव्यापी प्रक्रिया में अब तक 22 लाख से अधिक किसानों से 102.37 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी पूरी कर ली गई है। इसके बदले किसानों को कुल 24 हजार 265 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में अब तक 22 लाख 04 हजार 447 पंजीकृत किसान समर्थन मूल्य पर अपना धान बेच चुके हैं। वहीं इस खरीफ सीजन के लिए कुल 27 लाख 43 हजार 145 किसानों ने पंजीयन कराया है। सरकार द्वारा लागू की गई डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था से वास्तविक किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है।
प्रदेशभर में धान खरीदी का कार्य 2,740 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से किया जा रहा है। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन निगरानी प्रणाली से जुड़ी हुई है, जिससे गड़बड़ियों और बिचौलियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा रहा है। इससे खरीदी व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक सुव्यवस्थित और भरोसेमंद बनी है।
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए टोकन वितरण प्रणाली को भी सरल बनाया गया है। खाद्य विभाग के अनुसार अब टोकन सहकारी समितियों के माध्यम से जारी किए जा रहे हैं, जिससे किसानों को समय पर धान बेचने का अवसर मिल रहा है। प्रमुख धान उत्पादक जिलों में खरीदी की रफ्तार लगातार तेज बनी हुई है।







