इंदौर। मध्य प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर कहे जाने वाले इंदौर में दूषित पेयजल ने भयावह रूप ले लिया है। भागीरथपुरा सहित कई इलाकों में गंदा पानी पीने से अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग बीमार बताए जा रहे हैं। मामले को लेकर प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक उमंग सिंघार ने नगर निगम और राज्य सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
उमंग सिंघार ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने 6 और 7 जनवरी 2026 को स्वयं भागीरथपुरा, मदीना नगर (वार्ड 53), खजराना, भूरी टेकरी, कनाडिया, बर्फानीधाम और कृष्णबाग कॉलोनी का दौरा किया। इस दौरान मौके से लिए गए जल सैंपलों की जांच में पानी पीने योग्य नहीं पाया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद नगर निगम द्वारा लगातार दूषित जल की सप्लाई की जा रही है, जिससे रहवासी गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। भूरी टेकरी कॉलोनी की स्थिति सबसे अधिक भयावह बताई जा रही है, जहां लोग गंदगी और अस्वास्थ्यकर माहौल में रहने को मजबूर हैं।

उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि तत्काल प्रभाव से दूषित जल की आपूर्ति बंद की जाए और प्रभावित इलाकों में स्वच्छ पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। साथ ही पूरे शहर में वॉटर ऑडिट कराकर जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस विधायक ने नगर निगम पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इंदौर ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे 8 स्वच्छता अवार्ड हासिल किए, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही है। उन्होंने दूषित जलकांड में नगर निगम कमिश्नर पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने और मेयर से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की है।







