सुशासन या सु–सु शासन? जनदर्शन में छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा का फूटा गुस्सा

Madhya Bharat Desk
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रायपुर।छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले दर्जनों सत्याग्रही किसानों ने मुख्यमंत्री जनदर्शन में पहुंचकर करणी कृपा पावर प्राइवेट लिमिटेड पर गंभीर आरोप लगाए। किसानों का कहना है कि कंपनी द्वारा अवैध गतिविधियों के जरिए “छत्तीसगढ़ी महतारी” की जमीन को बंधक बनाया गया है और माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का खुला उल्लंघन किया जा रहा है।

किसानों ने आरोप लगाया कि राज्य की विष्णु देव साय सरकार न्यायालय के आदेशों का पालन कराने में पूरी तरह विफल रही है। इस दौरान जनदर्शन स्थल पर जमकर नारेबाजी की गई और सरकार के तथाकथित सुशासन को किसानों ने “सु-सु शासन” करार दिया।

संयुक्त किसान मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि करणी कृपा पावर के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो छत्तीसगढ़ी अस्मिता और जमीन के संरक्षण को लेकर प्रदेशव्यापी जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने एसडीओपी अजय त्रिपाठी, तहसीलदार जुगल किशोर पटेल और नायब तहसीलदार मोहित कुमार आमिला की गिरफ्तारी की भी मांग की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।

इस आंदोलन में बड़ी संख्या में महिला किसान नेत्रियों की भागीदारी देखने को मिली। प्रमुख रूप से राधाबाई सिन्हा, श्याम बाई ध्रुव, टूकेश्वरी ध्रुव, रमशिला पटेल, खेमिन साहू, रामवती साहू, हीराबाई यादव, धनेश्वरी यादव, मोहन बाई जलक्षत्री, रुक्मणी यादव, जमुना यदु, पूनई पटेल और पुस्वाईया धिवर शामिल रहीं। वहीं जिला संगठन प्रभारी अशोक कश्यप सहित धर्मेंद्र यादव, नाथूराम सिंह, विसौहा यादव, तोषण सिन्हा और पूनऊ सिन्हा भी आंदोलन में सक्रिय रहे।

छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा दिया गया आवेदन और उनकी मांगे

 

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