भोपाल में IAS संतोष वर्मा के विवादित बयान ने युवाओं को भड़काने का काम किया है। शनिवार को बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के सामने बड़ी संख्या में जुटे Gen-Z युवाओं ने वर्मा का पुतला गधे पर बैठाकर घुमाया और जूते-चप्पलों से पीटकर अपना आक्रोश जताया। प्रदर्शन का नेतृत्व पंडित आशीष शर्मा ने किया, जिन्होंने कहा कि यह मुद्दा किसी एक समाज का नहीं, बल्कि प्रदेश की सभी बेटियों की गरिमा से जुड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो अगली बार वास्तविक दोषी को भी जनता के इस गुस्से का सामना करना पड़ेगा।
कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने भी प्रदर्शन में शामिल होकर कहा कि पूरे सवर्ण समाज में इस टिप्पणी को लेकर तीखा गुस्सा है, लेकिन भाजपा के ब्राह्मण नेता चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने पूछा कि जब बेटी-बेटियों के सम्मान की बात आती है, तो सत्ताधारी दल के नेता सड़क पर क्यों नहीं उतरते।

प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने साफ कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक दोषी अधिकारी के खिलाफ कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई नहीं होती। अभिषेक द्विवेदी ने कहा कि वर्मा का बयान न सिर्फ अशोभनीय है बल्कि समाज में तनाव पैदा करने वाला भी है। उन्होंने दावा किया कि अगली बार विरोध और कड़ा होगा। अक्षय तोमर, प्रतीक यादव, लकी चौबे समेत सैकड़ों युवाओं ने नारेबाज़ी करते हुए कड़ी सज़ा की मांग की।
उधर, Gen-Z के आक्रामक तेवर चर्चा में हैं। 1997 से 2012 के बीच जन्मी यह पीढ़ी सोशल मीडिया और डिजिटल माहौल में पली है, इसलिए मुद्दों पर तुरंत प्रतिक्रिया देती है और खुलकर विरोध दर्ज कराती है।

मामले पर राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर IAS संतोष वर्मा की टिप्पणी, पुराने मामलों और पदोन्नति से जुड़े सभी बिन्दुओं की जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्मा ने पहले SC वर्ग में रहते हुए नौकरी की, लेकिन बाद में ST वर्ग दिखाकर IAS प्रमोशन हासिल किया। सांसद ने वर्मा के बयान को अपमानजनक, लैंगिक रूप से असंवेदनशील और समाज में वैमनस्य फैलाने वाला बताया है।



