17 नवंबर का दिन छत्तीसगढ़ के महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन. भारत के लिए सामान्य तरीके से शुरू हुआ था। उन्होंने दिन में महत्वपूर्ण मामलों में राज्य सरकार की ओर से पैरवी की और शाम को कार्यालय लौटकर अगले दिन की सुनवाई की तैयारी में जुटे। सहयोगियों के साथ की गई बैठक में उन्होंने केसों से जुड़े निर्देश भी दिए। उस समय तक किसी को अंदेशा नहीं था कि कुछ ही घंटों में बड़ा घटनाक्रम सामने आने वाला है।
रात करीब 9 बजे प्रफुल्ल भारत के इस्तीफे की खबर ने प्रशासनिक हलकों को चौंका दिया। इस्तीफा बिना कारण बताए दिया गया, जिससे अनुमान और चर्चाओं को और बल मिला। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार में बदलते समीकरण और एजी ऑफिस में संभावित परिवर्तन इसका बड़ा कारण हो सकते हैं।

उनके इस्तीफे के बाद राज्य सरकार ने देर रात ही विधि विभाग को नए महाधिवक्ता के चयन पर काम शुरू करने के निर्देश दे दिए। यह स्पष्ट संकेत है कि महाधिवक्ता का पद राज्य सरकार के लिए कितना संवेदनशील और महत्वपूर्ण माना जाता है।







