शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाएं, समाज में योग्यता और प्रतिभा के चयन का सबसे महत्वपूर्ण साधन होती हैं। परंतु जब इन परीक्षाओं में तकनीकी साधनों के माध्यम से नकल की घटनाएं सामने आती हैं, तो यह न केवल परीक्षा की पवित्रता को कलंकित करती हैं, बल्कि योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय भी करती हैं। हाल ही में बिलासपुर, छत्तीसगढ़ में आयोजित PWD सब-इंजीनियर भर्ती परीक्षा में एक ऐसी ही हाईटेक नकल का मामला सामने आया जिसने प्रशासन और समाज दोनों को चौकन्ना कर दिया है।
मुख्य घटना का विवरण
बिलासपुर जिले में हुई परीक्षा के दौरान एक महिला परीक्षार्थी के अंडरगार्मेंट्स में स्पाई कैमरा छिपाकर लाया गया था। कैमरे से प्रश्नपत्र की तस्वीरें बाहर भेजी जा रही थीं और वहीं से उत्तर प्राप्त कर रही महिला की बहन वॉकी-टॉकी के माध्यम से अंदर उत्तर सुना रही थी। यह एक सुनियोजित योजना थी, जिसमें लेपटॉप, वायरलेस माइक और रिसीवर, हाईटेक डिवाइसेज़ शामिल थे।
परीक्षा केंद्र में मौजूद सतर्क निरीक्षकों को महिला की संदिग्ध गतिविधियों पर शक हुआ। जब उसकी तलाशी ली गई, तो पूरे तकनीकी सेटअप का पर्दाफाश हुआ। महिला और उसकी बहन दोनों को तुरंत हिरासत में ले लिया गया और उनके पास से सभी उपकरण जब्त किए गए।
प्रयुक्त तकनीकी उपकरण
इस नकल में अत्यंत आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया था:
स्पाई कैमरा: कपड़ों के अंदर छिपाया गया, जिससे प्रश्नपत्र की तस्वीरें ली जा रही थीं।
वॉकी-टॉकी सेट: बाहर बैठी बहन प्रश्नों के उत्तर सुनाने के लिए इस्तेमाल कर रही थी।
वायरलेस माइक और रिसीवर: परीक्षा कक्ष में उत्तर सुनने के लिए।
लेपटॉप: उत्तर तैयार करने और भेजने के लिए।
यह तकनीक इतनी बारीकी से सेट की गई थी कि सामान्य निगरानी में पकड़ना मुश्किल था, परन्तु केंद्र में लगी निगरानी टीम की मुस्तैदी से यह योजना असफल हो गई।







