छिंदवाड़ा जिले में सर्दी का प्रभाव इस बार सामान्य से कहीं अधिक तेज़ी से महसूस किया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड, हिमाचल और कश्मीर में लगातार हो रही बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों तक साफ दिखाई दे रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों से आ रही ठंडी उत्तरी हवाओं ने तापमान को रिकॉर्ड स्तर तक नीचे धकेल दिया है। जिले में शनिवार की रात न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीज़न की अब तक की सबसे ठंडी रात रही। वहीं ग्रामीण इलाकों में यह गिरावट और भी तेज़ रही, जहाँ पारा 7.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया।
तेज़ी से बढ़ रही ठंड ने लोगों की सुबह की दिनचर्या बदलकर रख दी है। ठिठुरन भरी सुबह में शहर में निकलने वाले लोगों की संख्या कम दिखाई दी। सड़कें, बाज़ार और सार्वजनिक स्थान सुबह के समय लगभग खाली नज़र आए। चाय की दुकानों पर जरूर भीड़ देखी गई, क्योंकि लोग ठंड से बचने के लिए गर्म पेय और अलाव का सहारा लेते दिखे।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह के समय तापमान सबसे कम रहता है, इसलिए मॉर्निंग वॉक पर जाने वालों को सूरज निकलने के बाद ही बाहर निकलने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही बच्चों और बुजुर्गों को ऊनी कपड़े, टोपी, दस्ताने और जुराबें पहनकर ही बाहर निकलने की हिदायत दी जा रही है, ताकि ठंड से जुड़ी बीमारियों से बचा जा सके।
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में जिले में कोल्ड वेव की स्थिति बने रहने की चेतावनी जारी की है। विभाग का अनुमान है कि अधिकतम तापमान में भी हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है, जिससे दिन में भी ठंडक का असर बराबर बना रहेगा।
कुल मिलाकर, नवंबर के मध्य में ही सर्दी की यह दस्तक पिछले वर्षों के तापमान रिकॉर्ड को चुनौती देती नज़र आ रही है। दिन में हल्की धूप भले निकल रही हो, लेकिन सुबह-शाम की शीतलहर लोगों को गर्म कपड़ों और सावधानियों का पूरा पालन करने पर मजबूर कर रही है। स्वास्थ्य विभाग ने भी नागरिकों को सतर्क रहते हुए आवश्यक सावधानियाँ अपनाने की अपील की है, क्योंकि बढ़ती ठंड का असर स्वास्थ्य पर गंभीर रूप से पड़ सकता है।







