रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बड़ा खुलासा सामने आया है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त जानकारी में यह सामने आया है कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री अरुण साव के भांजे की तेरहवीं के आयोजन में लगभग ₹57 लाख रुपये का खर्च विभागीय फंड से वहन किया गया।
प्राप्त दस्तावेज़ों के अनुसार, यह पूरी राशि लोक निर्माण विभाग के व्यय मद से जारी की गई थी। जबकि यह कार्यक्रम पूरी तरह निजी पारिवारिक आयोजन था। बिलों में खानपान, टेंट, सजावट, लाइटिंग और अतिथि सत्कार जैसी सेवाओं के भुगतान का उल्लेख है।

इस खुलासे के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। विपक्षी दलों ने इसे सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला बताते हुए मुख्यमंत्री से तत्काल जांच की मांग की है।

जनसंपर्क अधिकारी ने दी सफाई, मंत्री ने साधी चुप्पी
जब इस मामले पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव के जनसंपर्क अधिकारी कमलेश साहू से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस विषय पर कोई जानकारी नहीं है। वहीं, मंत्री अरुण साव से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।







