छत्तीसगढ़ नगर निगम में कैश घोटाले का पर्दाफाश: कर्मचारियों की करतूत CCTV में कैद, अफसर अब खुद फंसने के डर से रिपोर्ट कराने से बच रहे

Madhya Bharat Desk
3 Min Read

छत्तीसगढ़ के एक चर्चित जिले में नगर निगम कार्यालय में हुए कैश घोटाले ने पूरे प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मचा दिया है। लंबे समय से ठेकेदारों से की जा रही वसूली और रकम की हेराफेरी की शिकायतें उठती रही थीं, लेकिन ठोस सबूत न मिलने के कारण कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। मामला तब खुला जब निगम के कुछ विश्वसनीय ठेकेदारों और अधिकारियों ने मिलकर चोरी पकड़ने के लिए गुप्त योजना बनाई।

सूत्रों के मुताबिक, कैश कलेक्शन करने वाले कर्मचारियों के कमरे में एक गुप्त कैमरा लगाया गया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर पैसों का घोटाला कहां हो रहा है। कुछ ही दिनों में सच्चाई सामने आ गई। CCTV फुटेज में यह स्पष्ट हो गया कि चोरी करने वाला कोई बाहरी नहीं, बल्कि निगम का ही एक कर्मचारी था। उसने कई किश्तों में करीब 6 लाख रुपये से अधिक रकम पार कर दी थी।

लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। जब यह वीडियो निगम के उच्च अधिकारियों और कुछ स्थानीय नेताओं तक पहुंचा, तो उनके बीच अफरा-तफरी मच गई। असल में, वही CCTV कैमरे ठेकेदारों से कैश लेनदेन के वीडियो भी रिकॉर्ड कर चुके थे। इस खुलासे के बाद अफसरों ने मामले को दबाने की कोशिशें शुरू कर दीं।

जानकारी के अनुसार, आनन-फानन में न केवल चोरी करने वाले कर्मचारी को अंदरूनी तौर पर पेशी के लिए बुलाया गया, बल्कि CCTV रिकॉर्डिंग के डेटा को भी डिलीट करने की कोशिशें की गईं। अब हालात यह हैं कि निगम के अधिकारी खुद पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने से डर रहे हैं। उनका मानना है कि यदि पुलिस के सामने CCTV फुटेज पेश की गई, तो उनकी अपनी मिलीभगत भी उजागर हो जाएगी।

कुल मिलाकर, यह मामला सिर्फ कैश चोरी तक सीमित नहीं, बल्कि यह पूरे भ्रष्टाचार तंत्र की परतें खोलता है। निगम के अधिकारी अब आरोपी कर्मचारी पर रिपोर्ट दर्ज न कराने का ‘अहसान’ जताकर उससे रकम वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं। इस घटना ने प्रशासनिक ईमानदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और यह दिखाया है कि कैसे भ्रष्टाचार की जड़ें अब अंदर तक फैल चुकी हैं।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment