बिलासपुर में नगर निगम की सामान्य सभा उस वक्त तनावपूर्ण माहौल में बदल गई, जब लिंगियाडीह क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और लगातार बने हुए पेयजल संकट को लेकर कांग्रेस नेताओं और पार्षदों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया।
सभा के दौरान शुरू हुआ विवाद सड़क तक पहुंच गया और देखते ही देखते प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और बाद में कांग्रेस के सात नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
मिशन अस्पताल रोड पर चक्का जाम, यातायात प्रभावित
लखीराम ऑडिटोरियम में आयोजित सामान्य सभा के दौरान कांग्रेस के शहर और ग्रामीण जिला अध्यक्षों सहित कई नेताओं ने पानी की किल्लत और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को लेकर निगम प्रशासन पर सवाल उठाए।
आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने मिशन अस्पताल रोड पर चक्का जाम कर दिया, जिससे शहर के व्यस्त इलाके में यातायात कुछ समय के लिए ठप हो गया। आम नागरिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इस बीच महापौर पूजा विधानी मौके पर पहुंचीं और आंदोलन कर रहे नेताओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। हालांकि, सदन के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
कांग्रेस पार्षद दिलीप पाटिल ने लिंगियाडीह में पानी और अतिक्रमण का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया, लेकिन सत्ता पक्ष ने इसे राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया, जिससे माहौल और गरमा गया।
7 कांग्रेस नेताओं पर मामला दर्ज
सिविल लाइन थाना पुलिस ने मार्ग अवरुद्ध करने और कानून-व्यवस्था बाधित करने के आरोप में कांग्रेस के शहर जिला अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, ग्रामीण जिला अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री और पार्षद दिलीप पाटिल समेत कुल सात नेताओं को नामजद किया है।
पुलिस के अनुसार, पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही है और फुटेज के आधार पर अन्य लोगों की भी पहचान की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद चालान न्यायालय में पेश किया जाएगा।
राजनीतिक तापमान बढ़ा
नगर निगम की इस घटना के बाद शहर की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। विपक्ष इसे जनहित का मुद्दा बता रहा है, जबकि सत्ता पक्ष का कहना है कि सामान्य सभा की कार्यवाही को बाधित करना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है।
अब देखना होगा कि यह विवाद प्रशासनिक स्तर पर सुलझता है या आने वाले दिनों में यह मुद्दा और बड़ा राजनीतिक रूप लेता है।



