छत्तीसगढ़ के बिल्हा क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां मंदिर दर्शन के बाद स्नान करने उतरे जीजा-साले की नदी में डूबने से मौत हो गई। यह घटना बिलासपुर जिले के उड़गन मंदिर के पास स्थित शिवनाथ नदी की है। बताया जा रहा है कि दर्शन के बाद दोनों नहाने के लिए नदी में उतरे थे, लेकिन तेज बहाव और गहराई का अंदाजा न लग पाने के कारण दोनों की जान चली गई।
मृतकों की पहचान बिल्हा थाना क्षेत्र के निवासी संतोष कुमार (35) और उनके साले अनुज कुमार के रूप में हुई है। दोनों पूजा-अर्चना के बाद मंदिर से लौटते समय शिवनाथ नदी के पास रुके और स्नान करने का निर्णय लिया, जो उनके जीवन का अंतिम निर्णय साबित हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सबसे पहले संतोष नदी में उतरे। पानी का बहाव काफी तेज था, जिससे उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गहराई में खिंचने लगे। यह देखकर अनुज ने उन्हें बचाने के उद्देश्य से नदी में छलांग लगा दी, लेकिन वह भी तेज धारा में बह गया। कुछ ही क्षणों में दोनों दृष्टि से ओझल हो गए। आसपास मौजूद लोग असहाय स्थिति में केवल चीख-पुकार करते रह गए।
घटना की सूचना मिलते ही बिल्हा पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। कई घंटों तक रेस्क्यू अभियान चला, लेकिन देर रात तक दोनों का कोई सुराग नहीं मिल सका। पुलिस ने अंधेरा होने के बावजूद नदी किनारों की तलाशी अभियान जारी रखा।
डीएसपी बिल्हा डी.आर. टंडन ने बताया कि नदी में तेज धारा और गहराई के कारण शवों के काफी दूर बह जाने की आशंका है। रेस्क्यू टीम अलर्ट मोड पर रात भर तलाशी अभियान में जुटी रही। इस दुखद घटना की खबर जैसे ही मृतकों के घर पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों में कोहराम मच गया।
यह हादसा एक बार फिर इस बात की चेतावनी देता है कि तीव्र जलधाराओं वाले इलाकों में सावधानी न बरतना कितना खतरनाक साबित हो सकता है। श्रद्धा के साथ की गई एक छोटी सी भूल कभी-कभी जीवन की सबसे बड़ी कीमत बन जाती है।







