नवा रायपुर।छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के निर्माण कार्यों और ठेकेदारों से जुड़े वित्तीय भुगतान तंत्र को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया है। वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राज्य में जीएसटी भुगतान प्रणाली और रॉयल्टी क्लीयरेंस सर्टिफिकेट की व्यवस्था में एकरूपता लाने के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।
यह निर्णय मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 1 अक्टूबर 2025 को हुई बैठक के निर्देशों के अनुपालन में लिया गया। समिति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के सभी निर्माण विभागों में टेंडर प्रक्रिया, जीएसटी भुगतान और अंतिम बिलों के निपटान की प्रणाली समान और पारदर्शी हो।
समिति का गठन और प्रमुख सदस्य:
इस समिति में राज्य के 12 वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है —
| क्रमांक | पदनाम | विभाग | भूमिका |
|---|---|---|---|
| 1 | सचिव | वित्त विभाग | अध्यक्ष |
| 2 | मुख्य कार्यपालन अधिकारी | नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण | सदस्य |
| 3 | आयुक्त | गृह निर्माण मंडल | सदस्य |
| 4 | आयुक्त | वाणिज्यिक कर (GST) | सदस्य |
| 5 | प्रबंध संचालक | मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन | सदस्य |
| 6 | प्रबंध संचालक | छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन | सदस्य |
| 7 | संचालक | नगरीय प्रशासन एवं विकास | सदस्य |
| 8 | संचालक | भौगोलिक व खनिकर्म संचालनालय | सदस्य |
| 9 | प्रमुख अभियंता | लोक निर्माण विभाग | सदस्य |
| 10 | प्रमुख अभियंता | जल संसाधन विभाग | सदस्य |
| 11 | प्रमुख अभियंता | लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग | सदस्य |
| 12 | प्रमुख अभियंता | ग्रामीण यांत्रिकी सेवा / CGRRDA | सदस्य |
पहली बैठक की तारीख और एजेंडा:
समिति की पहली बैठक 3 नवंबर 2025 को दोपहर 12:00 बजे मंत्रालय स्थित कक्ष क्रमांक 5-2-12 में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों और तकनीकी विशेषज्ञों से प्रचलित व्यवस्था की जानकारी ली जाएगी और आगे के सुधारात्मक कदम तय किए जाएंगे।
कॉन्ट्रेक्टर यूनियन की प्रतिक्रिया:
छत्तीसगढ़ कॉन्ट्रेक्टर यूनियन ने इस निर्णय को “बड़ी सफलता” बताया है। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेश शुक्ला ने कहा —
“हमारी लगातार बैठकों और चर्चाओं का परिणाम है कि सरकार ने जीएसटी और रॉयल्टी भुगतान व्यवस्था को लेकर उच्च स्तरीय समिति बनाई है। जैसा कि डिप्टी सीएम अरुण साव और पीडब्ल्यूडी मंत्री ने हमें आश्वासन दिया था, अब सरकार ने उस दिशा में ठोस कदम उठाया है।”
उन्होंने आगे कहा कि,
“यह सिर्फ शुरुआत है। हमें आगे भी मिलकर काम करना होगा ताकि ठेकेदारों की सभी समस्याओं का स्थायी समाधान हो सके।”
सरकार की मंशा:
राज्य सरकार का उद्देश्य है कि सभी निर्माण कार्यों में वित्तीय पारदर्शिता, जीएसटी अनुपालन और रॉयल्टी क्लीयरेंस की प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से एकसमान बनाया जाए। इससे ठेकेदारों को भुगतान में होने वाली देरी समाप्त होगी और विभागीय प्रक्रियाएँ अधिक प्रभावी बनेंगी।







