छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ में एक युवक द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में गंगाजल से शुद्धिकरण करने की घटना ने प्रशासन और आम जनता का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया। चैंपुर निवासी रघुनाथ सिंह गोंड ने अपने पूर्वजों की जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ वर्षों से शिकायतें की हैं, लेकिन अब तक न्याय नहीं मिला। इसी निराशा में उन्होंने प्रतीकात्मक विरोध के रूप में एसपी कार्यालय पहुंचकर गंगाजल छिड़का और पूजा-अर्चना की।
रघुनाथ सिंह ने बताया कि उन्होंने पहले थाना मनेंद्रगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी और बाद में एसपी कार्यालय में भी आवेदन दिया, मगर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। वर्ष 2022 में उन्होंने तहसील कार्यालय के सामने तीन दिन तक आमरण अनशन भी किया था, लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिला। उनका कहना है कि अब नए एसपी के कार्यभार संभालने के बाद उन्हें उम्मीद है कि उनकी समस्या पर ध्यान दिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
सामाजिक कार्यकर्ता रमाशंकर गुप्ता ने भी मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि जमीन से जुड़े इस विवाद में राजस्व अभिलेखों में छेड़छाड़ की गई है, जो एक आपराधिक मामला है। इस पर कार्रवाई का अधिकार केवल पुलिस के पास है। अब तक पुलिस द्वारा ठोस कदम न उठाए जाने पर उन्होंने चिंता भी जताई।
यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है। लोग इसे प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ एक प्रतीकात्मक विरोध के रूप में देख रहे हैं। स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि नए पुलिस अधीक्षक मामले की गंभीरता को समझते हुए पीड़ित को न्याय दिलाएंगे और जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी।







