मधुबनी: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। 6 और 11 नवंबर को होने वाले चुनावों से पहले मधुबनी जिले में भी सियासी चर्चाओं का दौर तेज है। यहां जनता इस बार बदलाव की बात कर रही है, जबकि कुछ लोग वर्तमान सरकार के विकास कार्यों का बचाव कर रहे हैं।
“बदलाव जरूरी है, पलायन सबसे बड़ी समस्या”
स्थानीय निवासी आनंद झा का कहना है कि बिहार में पिछले दो दशकों से सरकार तो एक ही रही, लेकिन स्थिति में खास सुधार नहीं आया। न कोई बड़ा उद्योग खुला, न युवाओं को रोजगार मिला। उन्होंने कहा, “गांवों में गरीबी और भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर हैं। थानों में बिना पैसे के एफआईआर दर्ज नहीं होती। युवा नौकरी मांगते हैं तो लाठीचार्ज झेलना पड़ता है। इसलिए अब जनता बदलाव चाहती है।”
“कानून व्यवस्था पहले से बेहतर हुई”
दूसरी ओर गौतम कुमार का कहना है कि सरकार के काम से संतुष्टि है। “पहले सड़कों की हालत बहुत खराब थी, अब पक्की सड़कें हैं। पहले जंगलराज था, आज कानून व्यवस्था मजबूत है। नीतीश कुमार की सरकार में बहुत सुधार हुआ है।”
“काम रुके हैं, चुनाव के बाद पूरे होंगे”
वहीं विनोद मंडल ने कहा कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण विकास कार्य रुके हैं। “14 नवंबर के बाद सारे अधूरे काम पूरे हो जाएंगे। बदलाव की बात करना बेकार है, जनता फिर से नीतीश कुमार पर भरोसा करेगी।”
“सरकार फेल, अब युवाओं की बारी”
युवा कौशल कुमार सिंह ने सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा, “महिलाओं के खातों में पैसे डालकर वोट खरीदने की कोशिश की गई। अपराध बढ़ रहे हैं, बेरोजगारी चरम पर है। अब हमें बीमार नहीं, मजबूत मुख्यमंत्री चाहिए।”
“NDA विकास के एजेंडे पर चुनाव में उतरी”
झंझारपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा उपाध्यक्ष संदीप दास ने कहा कि “NDA इस बार विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही है। सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े काम हुए हैं, जनता इन्हें देख रही है।”
“अब पलायन-मुक्त बिहार की मांग”
वहीं फसल कुमार सिंह ने कहा कि “झंझारपुर क्षेत्र हर साल बाढ़ की मार झेलता है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं मिला। अस्पतालों की हालत खराब है और युवाओं के लिए रोजगार नहीं है।”
जनसुराज पार्टी के नेता नीतीश रंजन ने कहा कि “झंझारपुर की साढ़े पांच लाख आबादी में सिर्फ एक डिग्री कॉलेज है। शिक्षा की हालत बेहद चिंताजनक है। इस बार युवा वर्ग पलायन मुक्त और शिक्षित बिहार के लिए मतदान करेगा।”
“बेगूसराय में उद्योग, मधुबनी में क्यों नहीं?”
स्थानीय व्यापारी सिराज कुमार मिश्रा ने कहा, “सारी फैक्ट्रियां बेगूसराय में लग रही हैं, मधुबनी को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। यहां के मजदूरों को काम के लिए बाहर भेज दिया जाता है। बिहार में एक भी IIT नहीं है। हम चाहते हैं कि हमें अपने ही राज्य में रोजगार मिले।”



