प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मलयेशिया में आयोजित 22वें आसियान शिखर सम्मेलन 2025 को वर्चुअली संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत और आसियान के बीच साझेदारी एशिया और विश्व की स्थिरता के लिए अहम है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “आसियान भारत की एक्ट ईस्ट नीति की रीढ़ है और हमारी इंडो-पैसिफिक दृष्टि का प्रमुख स्तंभ भी।”
इस वर्ष सम्मेलन का विषय था — “समावेशीपन और स्थिरता”, जो हमारे साझा उद्देश्यों को दर्शाता है — डिजिटल समावेशन, खाद्य सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ बनाना।
पीएम मोदी ने मलयेशिया और फिलीपींस के नेताओं का जताया आभार
सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी ने मलयेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि आसियान के देश साझा मूल्यों और ऐतिहासिक संबंधों की डोर से जुड़े हैं। साथ ही उन्होंने फिलीपींस के राष्ट्रपति मार्कोस का भारत के समन्वयक देश के रूप में भूमिका निभाने के लिए धन्यवाद किया।
पीएम मोदी ने कहा — “भारत और आसियान मिलकर विश्व की एक-चौथाई आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह साझेदारी सिर्फ भौगोलिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आर्थिक गहराई से भी जुड़ी हुई है।”
थाईलैंड की राजमाता के निधन पर व्यक्त की संवेदना
प्रधानमंत्री मोदी ने थाईलैंड की राजमाता के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, “भारत की जनता की ओर से मैं थाईलैंड के राजपरिवार और नागरिकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।”
‘भारत-आसियान संबंध वैश्विक विकास का नया मॉडल’
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने हमेशा आसियान की केंद्रीयता और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उसकी भूमिका का समर्थन किया है। उन्होंने कहा, “आज भारत-आसियान व्यापक रणनीतिक साझेदारी वैश्विक स्थिरता और विकास का आधार बन रही है। आने वाले समय में यह संबंध ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज़ को और मजबूत करेंगे।”







