बस्तर संभाग में नक्सल मोर्चे पर बड़ी हलचल मची हुई है। हाल ही में 210 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद नक्सली संगठन ने इस घटनाक्रम पर नया रुख अपनाया है। परतापुर एरिया कमेटी के सचिव हीरे सिंह वड्डी ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि इन सभी नक्सलियों का आत्मसमर्पण व्यक्तिगत निर्णय है और इसका संगठन से कोई संबंध नहीं है। नक्सली संगठन ने परिजनों से अपील की है कि वे अपने परिवार के लोगों को सुरक्षा बलों में शामिल न होने दें।
संगठन ने आत्मसमर्पण करने वाले प्रमुख नक्सलियों पर आरोप लगाया कि उन्होंने अवसरवादी राजनीति करते हुए संगठन के अंदर गुटबाजी पैदा की। नक्सली कमेटी ने यह भी कहा कि सरकार केवल प्रचार कर रही है और इन आत्मसमर्पणों का विचारधारा से कोई वास्तविक संबंध नहीं है। सरकार पर आरोप लगाया गया है कि वह बस्तर के युवाओं को भ्रमित कर ‘बस्तर फाइटर’ और ‘डीआरजी’ में भर्ती कर रही है, ताकि वे अपने ही लोगों के खिलाफ हथियार उठाएं।
इस बयान के बाद सुरक्षा एजेंसियां मान रही हैं कि यह नक्सल संगठन की रणनीतिक प्रतिक्रिया है, ताकि बाकी बचे नक्सली सदस्य आत्मसमर्पण न करें। यह घटनाक्रम नक्सल आंदोलन में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में बस्तर क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।







