बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में कांग्रेस पार्टी के भीतर बड़ा विवाद सामने आया है। सुपौल विधानसभा सीट से कांग्रेस ने एक नहीं बल्कि दो उम्मीदवारों को पार्टी सिंबल जारी कर दिया, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं और गठबंधन सहयोगियों में उलझन बढ़ गई है।
कांग्रेस ने पहले राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुपम को सुपौल सीट से पार्टी सिंबल दिया था। लेकिन रविवार की देर रात 2020 के प्रत्याशी मिन्नतुल्लाह रहमानी को भी सिंबल जारी कर दिया गया। इससे महागठबंधन में असमंजस की स्थिति बन गई है।
कांग्रेस में बढ़ी उलझन, कार्यकर्ता भी हैरान
सुपौल जिले की पांच विधानसभा सीटों पर दूसरे चरण में चुनाव होने हैं। नामांकन की अंतिम तारीख सोमवार तय है। कांग्रेस की ओर से एक ही सीट पर दो नामांकन होने की संभावना से अब सवाल उठ रहे हैं कि अंततः कांग्रेस का अधिकृत उम्मीदवार कौन होगा?
शनिवार को अनुपम ने सोशल मीडिया पर सिंबल मिलने की जानकारी साझा की थी। उनके समर्थक जश्न मना रहे थे। लेकिन जब रविवार रात मिन्नतुल्लाह रहमानी को भी सिंबल मिल गया, तो दोनों खेमों में चर्चा तेज हो गई।
स्थानीय नेताओं ने जताई नाराजगी
कांग्रेस के कार्यकारी जिलाध्यक्ष राजनारायण प्रसाद गुप्ता ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा, “एक ही सीट से दो प्रत्याशियों को सिंबल जारी नहीं होना चाहिए था। इससे कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति पैदा हुई है।”
वहीं अनुपम के सहयोगी प्रशांत कमल ने कहा कि अभी औपचारिक जानकारी नहीं मिली है, जबकि रहमानी ने कहा कि अंतिम निर्णय पार्टी और चुनाव आयोग का होगा।
महागठबंधन ने बाकी चार सीटों पर तय किए उम्मीदवार
सुपौल जिले की अन्य चार सीटों पर महागठबंधन ने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है —
- पिपरा: भाकपा माले के अनिल कुमार यादव
- त्रिवेणीगंज: राजद जिलाध्यक्ष संतोष सरदार
- छातापुर: राजद के डॉ. विपिन कुमार सिंह
- निर्मली: राजद के पूर्व आईआरएस अधिकारी बैद्यनाथ मेहता
बताया जा रहा है कि बैद्यनाथ पहले छातापुर सीट से दावेदार थे, लेकिन अंतिम समय में निर्मली भेजे गए। वहीं वीआईपी नेता संजय मिश्रा ने टिकट मिलने के बावजूद नामांकन न करने का फैसला किया है।
इधर, एनडीए के उम्मीदवार पहले ही सभी सीटों से अपना नामांकन कर चुके हैं।







