50 करोड़ की अवैध संपत्ति का खुलासा: निलंबित अफसर सौम्या चौरसिया पर 1872% अधिक निवेश का आरोप, 8000 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में पेश

Madhya Bharat Desk
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रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel की उप सचिव रहीं निलंबित राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी Soumya Chaurasia पर बड़े आर्थिक घोटाले का मामला सामने आया है। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने आय से 1872% अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में आज लगभग 8000 पन्नों की चार्जशीट विशेष न्यायालय में पेश की। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी अधिकारी ने लगभग 50 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति अर्जित की है।

ब्यूरो द्वारा दर्ज अपराध क्रमांक 22/2024 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(1)(बी) व 13(2) में प्रकरण दर्ज किया गया था। अभियोग पत्र के अनुसार सौम्या चौरसिया ने अपने परिवार और अन्य व्यक्तियों के नाम पर लगभग 45 अचल संपत्तियों में बेनामी निवेश किया। जांच में यह प्रमाणित हुआ कि उनके पद पर रहते हुए लगभग ₹49,69,48,298 (उनचास करोड़ उनहत्तर लाख अड़तालीस हजार दो सौ अठानवे रुपए) की अवैध कमाई हुई।

जानकारी के अनुसार वर्ष 2008 बैच की यह अधिकारी पहले बिलासपुर जिले में डिप्टी कलेक्टर के रूप में पदस्थ हुई थीं। इसके पहले वर्ष 2005 में उन्होंने लेखाधिकारी के रूप में कार्य किया। वर्ष 2019 में उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव पद पर नियुक्त किया गया। अपने 17 वर्षों के सेवाकाल में सौम्या चौरसिया और उनके परिवार की वैध आय लगभग ₹2.51 करोड़ रही, जबकि उन्होंने लगभग 50 करोड़ रुपए की संपत्ति में निवेश किया।

ब्यूरो की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि अवैध धन का सर्वाधिक निवेश वर्ष 2019 से 2022 के बीच किया गया। जांच एजेंसियों ने इस घोटाले को अब तक का राज्य का सबसे बड़ा आय से अधिक संपत्ति का मामला बताया है। यह मामला प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

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