शैक्षणिक कार्यों में सुधार के लिए बड़ा कदम: छत्तीसगढ़ में 15 अक्टूबर तक नोडल प्राचार्य की नियुक्ति का निर्देश

Madhya Bharat Desk
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13 अक्टूबर 2025, रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में शैक्षणिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं समन्वित बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। राज्य के सभी जिलों में संचालित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम विद्यालयों (SAGES Schools) में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और निगरानी सुनिश्चित करने के लिए शासन ने नोडल प्राचार्य नियुक्त करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय इन विद्यालयों में बेहतर समन्वय, संवाद और शिक्षण-प्रशिक्षण गतिविधियों की प्रभावी निगरानी के उद्देश्य से लिया गया है।

वर्तमान में प्रदेश के विभिन्न जिलों में 751 सेजेस विद्यालय संचालित हो रहे हैं। शासन का मानना है कि एक नोडल प्राचार्य की नियुक्ति से इन विद्यालयों में न केवल शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा में सुधार होगा, बल्कि परिणामों की गुणवत्ता, शिक्षकों के प्रशिक्षण, संसाधन प्रबंधन और नवाचारों पर भी सटीक निगरानी रखी जा सकेगी। नोडल प्राचार्य अकादमिक गतिविधियों के साथ-साथ विद्यालयों के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने जिले में कार्यरत सेजेस विद्यालयों में से सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले, सक्षम, सक्रिय और कर्मठ प्राचार्य का चयन कर 15 अक्टूबर 2025 तक नोडल प्राचार्य की नियुक्ति सुनिश्चित करें। चयनित नोडल प्राचार्य का नाम, संस्था का नाम और उनका मोबाइल नंबर शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।

यह कदम न केवल शैक्षणिक व्यवस्था को मज़बूती देगा बल्कि राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को नई दिशा भी प्रदान करेगा। शासन का उद्देश्य है कि नोडल प्राचार्य की नियुक्ति से विद्यालयों के बीच समन्वय और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और दक्षता बढ़े।

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