बिलासपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी (Anti Corruption Bureau) की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। आदिम जाति कल्याण विभाग में पदस्थ एक बाबू को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। यह रिश्वत अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत सरकारी राशि जारी करने के बदले में मांगी गई थी।
दरअसल, जिले के एक युवक ने अपनी शादी के बाद अंतरजातीय विवाह योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि पाने के लिए आवेदन किया था। आवेदन स्वीकृत होने के बाद जब वह विभाग पहुंचा तो वहां पदस्थ बाबू ने 2.5 लाख रुपए की राशि जारी करने के नाम पर उससे 10 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की।
शिकायतकर्ता युवक ने इस पूरे मामले की जानकारी एसीबी बिलासपुर यूनिट को दी। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ट्रैप प्लान बनाया और तय समय पर युवक को रिश्वत की राशि लेकर आरोपी तक भेजा। जैसे ही आरोपी बाबू ने पैसे लिए, एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। आरोपी से रिश्वत की रकम भी बरामद की गई।
फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। एसीबी की इस कार्रवाई से सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी करने वालों में हड़कंप मच गया है और लोगों में न्याय व्यवस्था पर भरोसा और मजबूत हुआ है।



