‘कांतारा चैप्टर-1’ के निर्माता होम्बले फिल्म्स ने अपनी नई फिल्म ‘कांतारा-2’ को लेकर एक भावनात्मक अपील की है। उन्होंने दर्शकों से निवेदन किया है कि वे फिल्म देखने जाते समय दैवि (Daiva) पात्रों का रूप सार्वजनिक रूप से न अपनाएँ, न उनकी नकल करें। ऐसा करना न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है, बल्कि उन पौराणिक पात्रों के आध्यात्मिक महत्व को भी कम कर सकता है।
मेकरों ने अपने पोस्ट में लिखा है कि धैवराधने (Daiva पूजा) तुलुनाडु क्षेत्र की सांस्कृतिक आस्था का प्रतीक है। उन्होंने यह भी बताया कि फिल्म ‘कांतारा’ और ‘कंतारा-2’ का उद्देश्य इस भक्ति को सबके सामने आदरपूर्वक प्रस्तुत करना है, न कि इसे सार्वजनिक शो या प्रदर्शन का विषय बनाना।
हाल ही में ऐसा भी देखा गया कि एक दर्शक दैव के वस्त्र पहनकर थिएटर में फिल्म देखने पहुंचा, और सोशल मीडिया पर उसकी तस्वीरें व वीडियो वायरल हो गए। इस घटना के बाद मेकर्स ने इस बात पर गंभीर ध्यान देते हुए यह संदेश साझा किया।



