नई दिल्ली।कई शोध बताते हैं कि अगर हम अपनी दिनचर्या और खानपान को सही समय पर मैनेज करें तो इससे सेहत को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। लेकिन मौजूदा समय में बिगड़ी हुई लाइफस्टाइल हमारी नींद, खाने-पीने और मेटाबॉलिज्म पर नकारात्मक असर डाल रही है। खासकर देर रात डिनर करना, जो आजकल आम आदत बन चुकी है, हमारी सेहत के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।

देर रात डिनर से क्या होता है नुकसान?
विशेषज्ञों का कहना है कि देर रात खाना खाने से हमारी नींद का चक्र बिगड़ जाता है। देर से खाना और जल्दी उठने की आदत के कारण पूरी नींद पूरी नहीं हो पाती है। इसके परिणामस्वरूप मोटापा, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और हार्मोनल असंतुलन का खतरा बढ़ जाता है।

अगर आप भी रोज रात 8-9 बजे के बाद भोजन करते हैं तो सावधान हो जाइए। यह आदत आपको कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं की ओर धकेल सकती है।
डिनर करने का सही समय
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार रात का भोजन शाम 7-8 बजे तक कर लेना चाहिए। इससे सुबह के नाश्ते तक लगभग 12 घंटे का गैप मिल जाता है। साथ ही रात 10 बजे से पहले सोने से शरीर की सर्केडियन रिदम संतुलित रहती है। समय पर खाना और पर्याप्त नींद कई बीमारियों से बचाव में मददगार साबित हो सकते हैं।

रिसर्च क्या कहती है?
- अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार देर रात खाना खाने से कैलोरी इनटेक बढ़ जाता है जिससे वजन बढ़ने का खतरा होता है।
- देर से भोजन करने का असर लेप्टिन और घ्रेलिन हार्मोन्स पर पड़ता है, जो भूख और तृप्ति को नियंत्रित करते हैं। देर रात खाने से लेप्टिन का स्तर प्रभावित होता है और तृप्ति की कमी के कारण व्यक्ति ज्यादा खा लेता है।
- हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की एक स्टडी में पाया गया कि डिनर में सिर्फ 4 घंटे की देरी से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है। इसके कारण भोजन का पाचन देर से होता है और वजन बढ़ने की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

देर रात डिनर करना केवल मोटापा ही नहीं बल्कि हृदय रोग, डायबिटीज और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी कारण बन सकता है। इसलिए सेहतमंद रहने के लिए समय पर खाना और समय पर सोना बेहद जरूरी है।







