भारतीय महिला हॉकी टीम को एशिया कप फाइनल में बड़ी निराशा झेलनी पड़ी। चीन ने रविवार को खेले गए खिताबी मुकाबले में भारत को 4-1 से हराकर तीसरी बार एशिया कप जीत लिया और अगले साल होने वाले महिला हॉकी विश्व कप के लिए सीधे क्वालिफाई कर लिया।
भारतीय टीम ने मैच की धमाकेदार शुरुआत करते हुए पहले ही मिनट में नवनीत कौर के पेनल्टी कॉर्नर गोल से बढ़त बना ली। हालांकि, चीन ने जल्द ही वापसी की और 21वें मिनट में जिशिया यू ने बराबरी का गोल दागा। इसके बाद मैच पर पूरी तरह चीन का दबदबा रहा।
तीसरे क्वार्टर में होंग ली ने 41वें मिनट में दूसरा गोल दागकर चीन को बढ़त दिलाई। आखिरी क्वार्टर में चीन ने आक्रामक खेल दिखाते हुए दो और गोल किए। 51वें मिनट में मेइरोंग जू और 53वें मिनट में जियाकी झोंग ने गोल कर भारत की उम्मीदें तोड़ दीं।
इस जीत के साथ चीन ने न केवल एशिया कप ट्रॉफी अपने नाम की बल्कि सीधे महिला हॉकी विश्व कप 2026 का टिकट भी हासिल किया। वहीं, भारतीय टीम को अब विश्व कप में जगह बनाने के लिए क्वालिफायर टूर्नामेंट खेलना होगा।
भारत की ओर से इस फाइनल में गोलकीपर सविता और पेनल्टी कॉर्नर विशेषज्ञ दीपिका की गैरमौजूदगी टीम को भारी पड़ी। मुमताज खान, लालरेम्सियामी और सुनेलिटा टोप्पो से भी बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन वे खास प्रदर्शन नहीं कर सकीं।



